विपक्ष को नहीं मालूम मुआवजा का प्रावधान
पटना : बिहार सरकार के उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार ने छपरा जहरीली शराब कांड मामले में कहा कि केवल 38 व्यक्तियों की मृत्यु होने की पुष्टि हुई है. साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार हर मामले की जांच करा रही है. जो भी जांच रिपोर्ट आएगा उस अनुसार कार्रवाई होगी. वहीं चार चार लाख मुआवजा देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुआवजा को लेकर जो प्रावधान है वह विपक्ष को पता नहीं है. इसलिए अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं. वहीं जहरीली शराब मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है और कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है.

शराबबंदी कानून से संबंध नहीं है जहरीली शराब से मौत का मामला
छपरा में जहरीली शराब से हुई मौत की संख्या को सरकार ने भ्रामक बताया है और साफ किया कि अबतक सिर्फ 38 लोगों की ही मौत हुई है. बिहार सरकार मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार और प्रधान सचिव केके पाठक ने संयुक्त रूप से मीडिया को ब्रीफ किया. उन्होंने मुआवजे पर कहा कि कानून में कन्विक्शन के बाद ही मुआवजा देने का प्रावधान है. उसी के तहत कार्रवाई हो रही है. एक्ससाइज मंत्री ने जहरीली शराब से मौत का संबंध शराबबंदी कानून से नहीं है. अगर ऐसा होता तो जहां शराबबंदी नहीं है वहां भी मौतें हो रही है. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक में बिहार से ज्यादा मौतें हो रही है.
जहरीली शराब कांड: इतने संवेदनहीन कैसे हो सकते हैं सीएम- नितिन नवीन
बिहार सरकार के पूर्व मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि शराब पीने से कई दलित अति पिछड़े समाज और पासी समाज के लोगों की मौत हुई है बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इतने संवेदनहीन कैसे हो सकते हैं. जबकि इतने लोगों की मौत हो चुकी है. जिसने जहरीली शराब पी उसकी तो मौत हो चुकी है, उसको सजा मिल चुकी है. लेकिन पीड़ित परिवार को सरकार क्यों सजा दे रहे हैं. यह कहां तक उचित है. अगर आप मुआवजा देते हैं तो उनके जख्म भर सकता है.
रिपोर्ट: राजीव कमल
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