Ranchi: झारखंड में इस साल मानसून ने समय से पहले दस्तक दे दी है और इसके साथ ही भारी बारिश और वज्रपात का सिलसिला भी शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दवाब के कारण मंगलवार को झारखंड पहुंच गया, जिससे राज्य के लगभग सभी जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। 18 जून से 21 जून तक भारी वर्षा की संभावना के मद्देनजर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
झारखंड में मानसून का कहर कई जिलों में रेड अलर्ट:
रेड अलर्ट जिलों की सूची में रांची, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, कोडरमा और गिरिडीह शामिल हैं, जबकि अन्य कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किया गया है। मानसून की पहली ही बारिश में सिमडेगा में 55 मिमी, चाईबासा में 20 मिमी और रांची में 10 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, रांची में 19 जून की सुबह 8.30 बजे से 20 जून की सुबह 8.30 बजे तक “अत्यधिक भारी बारिश” की चेतावनी जारी की गई है।
प्रशासन ने लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने, निचले इलाकों से दूरी बनाए रखने और बिजली उपकरणों का सावधानी से इस्तेमाल करने की सलाह दी है। रांची समेत कई शहरों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे यातायात और जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
झारखंड में मानसून का कहर: मानसून के साथ ही वज्रपात ने भी कहर बरपाया है। राज्य में वज्रपात की घटनाओं में 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें पलामू, गढ़वा, लातेहार और चतरा जिले शामिल हैं। मृतकों में मां-बेटी, एक मजदूर महिला और बुजुर्ग शामिल हैं, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, इस वर्ष मानसून के दौरान झारखंड में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे खेती के लिए यह मौसम अनुकूल रहने की उम्मीद है। हालांकि, लोगों को भारी बारिश से जुड़ी आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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