पटना : बिहार में विकास कार्यों को गति प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सहयोगी उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने एक मजबूत स्तंभ की तरह काम करते रहे है। बिहार की प्रगति के लिए मुख्यमंत्री व अन्य विभाग के साथ हर कदम पर हाथ बंटाकर महत्वपूर्ण कार्य किया है। 25 साल से अधिक राजनीतिक अनुभव प्राप्त चौधरी ने विकास कार्यों के साथ जदयू व भाजपा संगठन में सकारात्मक समन्वय बनाने में भी अहम भूमिका निभाई है। जिससे बिहार में शांतिपूर्ण तरीके से जन-जन के लिए कार्य कर रही एनडीए सरकार आज बेहद मजबूत स्थिति में खड़ी नजर आ रही है।
सम्राट का शहरी विकास, पंचायती राज, वाणिज्यकर, उद्योग, वित्त समेत कई विभाग में दिया महत्वपूर्ण योगदान
वरिष्ठ राजनीतिक पत्रकारों का कहना है कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सबकी नजर तब पड़ी जब वे अपने पिता शकुनी चौधरी का राजनैतिक कार्य में हाथ बंटाते थे। शुरू से ही गंभीर तौर तरीके से अपने काम को सहज पूर्वक पूरा करने की आदत बचपन से ही रही है। उन्होंने यह भी कहा कि साल 2000 से 2004 तक विधायक के तौर पर विधानसभा में गरीब व पिछड़ो के लिए मजबूती से आवाज उठाने वाले सम्राट चौधरी ने शहरी विकास, पंचायती राज, वाणिज्यकर, उद्योग, वित्त, पशुपालन व मत्स्य विभाग समेत विधान परिषद में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शायद आज यही वजह है कि एनडीए की तरफ से मुख्यमंत्री के प्रबल दावेदार सम्राट चौधरी ही मानें जा रहें है।
2025 की जीत में निर्णायक सूत्रधार डिप्टी CM सम्राट चौधरी
2025 की एनडीए को प्रचंड बहुमत से मिलने वाली जीत को राजनैतिक जानकार बताते है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्यों के साथ सम्राट चौधरी के निर्णायक फैसलों ने भी अहम भूमिका निभाया है। बिहार में एनडीए को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के रूप में दूसरे चेहरे के तौर पर सम्राट चौधरी पहले दावेदार साबित हो रहे है।
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