Nalanda Crime News: बिहारशरीफ जंक्शन के पास सोमवार की देर शाम गोलीबारी की घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रेलवे गुमटी के समीप मेला देखने जा रहे एक युवक को तीन अज्ञात बदमाशों ने कथित तौर पर गोली मार दी। घायल युवक की पहचान सोहसराय थाना क्षेत्र के आशानगर निवासी जितेन्द्र कुमार के रूप में हुई है। पुलिस लूटपाट की कोशिश, आपसी रंजिश और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद तीनों संदिग्ध मौके से फरार हो गए।
मेला देखने निकला था जितेन्द्र, रुपये और लॉकेट छीनने की कोशिश
मिली जानकारी के अनुसार, जितेन्द्र कुमार सोमवार की देर शाम अपने घर आशानगर से अकेले मेला देखने निकला था। इसी दौरान बिहारशरीफ रेलवे गुमटी के पास तीन अज्ञात युवक उसके सामने आ गए। घायल के मुताबिक, आरोपियों ने उसके पास मौजूद रुपये और गले में पहना लॉकेट छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर उसे गोली मार दी गई। वारदात के बाद तीनों संदिग्ध मौके से फरार हो गए। हालांकि, घटना के पीछे लूटपाट ही वजह थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
घायल की मदद के लिए आगे आए कुंदन कुमार
गोली लगने के बाद जितेन्द्र रेलवे फाटक के किनारे घायल अवस्था में पड़ा रहा और लोगों से मदद की गुहार लगाता रहा। इसी दौरान सरमेरा थाना क्षेत्र के गौसनगर निवासी कुंदन कुमार वहां से गुजर रहे थे। कुंदन ने मोबाइल की रोशनी में युवक को घायल हालत में देखा और उसकी मदद के लिए आगे आए। उन्होंने घायल को सड़क तक पहुंचाने में मदद की और गश्ती पुलिस को रोककर घटना की जानकारी दी।
पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया घायल
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और घायल जितेन्द्र को अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। उसकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। घटना के बाद रेलवे गुमटी के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और घायल के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
घायल युवक का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
बिहार थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार रजक के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि घायल जितेन्द्र कुमार का पूर्व में आपराधिक इतिहास रहा है। थाना अध्यक्ष के मुताबिक, जितेन्द्र एक हत्याकांड के मामले में वर्ष 2019 से जेल में बंद था और करीब एक साल पहले जमानत पर बाहर आया था। पुलिस ने यह भी बताया कि वह पिछले तीन महीने से अपने घर नहीं गया था। हालांकि, जितेन्द्र के पुराने आपराधिक मामले का मौजूदा गोलीबारी से कोई संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
लूटपाट या पुरानी रंजिश? तीन संदिग्धों की तलाश
पुलिस गोलीबारी के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है। लूटपाट की कोशिश, आपसी रंजिश और अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। घायल के बयान से भी घटना की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल तीनों संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित या परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


















