पटना : बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज यानी चार दिसंबर का चौथा दिन है। कार्यवाही शुरू होते ही उपाध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की गई और नरेंद्र नारायण यादव को सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुन लिए गए। नरेंद्र यादव मधेपुरा जिले के आलमनगर विधानसभा क्षेत्र से लगातार 8वीं बार चुनाव जीत चुके हैं, जिसके बाद यह जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव का अनुमोदन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने किया। इसके साथ ही सर्व सहमति से जदयू विधायक नरेंद्र नारायण यादव निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना गया।
नरेंद्र यादव VIP के उम्मीदवार को हराकर पहुंचे हैं सदन
मधेपुरा जिले की आलमनगर विधानसभा सीट चुनाव जीतकर नरेंद्र नारायण यादव विधानसभा पहुंचे हैं। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के उम्मीदवार नवीन कुमार को उन्होंने हराया है। जदयू प्रत्याशी ने वीआईपी के उम्मीदवार को करीब 55 हजार वोटों से मात दी है। नरेंद्र नारायण यादव ने आलमनगर से लगातार 8वीं बार जीत दर्ज की है। नरेंद्र यादव को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी माने जाते हैं।
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साल 1995 में पहली बार बने MLA
साल 1995 में नरेंद्र नारायण यादव पहली बार विधायक बने थे। वह जदयू के बड़े और वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। नरेंद्र नारायण यादव ने साल 1995 से आलमनगर विधानसभा क्षेत्र से लगातार चुनाव जीत जीत रहे हैं। इससे पहले वह बिहार सरकार में कानून और लघु जल संसाधन मंत्री भी रह चुके हैं।
विधानसभा का फिर से उपाध्यक्ष बनने के बाद नरेंद्र यादव ने 22स्कोप से की खास बातचीत
बिहार विधानसभा उपाध्यक्ष को लेकर के संशय खत्म हो गया है। जदयू के वरिष्ठ नेता और आलमनगर से 8वीं बार जीत दर्ज करने वाले नरेंद्र नारायण यादव को विधानसभा का निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना गया है। उन्होंने न्यूज 22स्कोप से बात करते हुए कहा कि पार्टी ने हमें जो आदेश दिया है हम उसका पालन कर रहे हैं। पार्टी ने जो कहा है हम वही करेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि तमाम सदस्यों को एक साथ लेकर के चलेंगे, चाहे वह सत्ता के हों या विपक्ष के सदस्य हों।

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अंशु झा की रिपोर्ट
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