ब्रिटिश जमाने के कानूनों को समाप्त करने की जरूरतः संजय सेठ

अधिनियमों में संशोधन के लिए बनी संयुक्त समिति की बैठक नई दिल्ली में संपन्न

RANCHI: ब्रिटिश जमाने के कानूनों – भारत सरकार के 19 मंत्रालयों के 42 अधिनियमों में संशोधन के लिए बनी संयुक्त संसदीय समिति की बैठक नई दिल्ली में संपन्न हुई. इस बैठक में अनावश्यक कानूनों/प्रक्रियाओं को हटाने/सरलीकरण, गौण अपराधों का गैर अपराधीकरण करने, विभिन्न नियमों के अनुपालन का बोझ कम करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई.
बैठक में बताया गया कि ऐसे अधिनियम जिससे आम जनता को बेवजह परेशानी होती है, उसे समाप्त करने के लिए या उसमें सुधार करने के लिए इस समिति का गठन किया गया है. अब तक देश में नरेंद्र मोदी जी की सरकार बनने के बाद ऐसे अनुपालन में कमी की स्थिति का भी एक अध्ययन किया गया है.

sanjay seth 1 22Scope News

19 मंत्रालयों के 42 अधिनियमों में सुधार का सुझाव देगी संसदीय समिति

जिसमें भारत सरकार ने 4685 अनुपालनो को चिह्नित किया है, जिसकी वजह से जनता को समस्या होती है. इनमें 2765 अनुपालनों को कम कर दिया गया है जबकि 648 अनुपालन को समीक्षा के अधीन रखा गया है. यह भी निर्णय लिया गया है कि 1282 अनुपालन जिस स्थिति में है, वैसे ही रखे जाएंगे.

sanjay seth 3 22Scope News

कुल मिलाकर अनावश्यक 7 प्रतिशत प्रावधानों को समाप्त किया गया है. इसके साथ ही गैर अपराधीकरण की श्रेणी में 9 प्रतिशत अनुपालनो को रखा गया है. वहीं 49 प्रतिशत अनुपालनो का डिजिटलीकरण कर लिया गया है और 35 प्रतिशत अनुपालन का सरलीकरण किया गया है. कुल 19387 अनुपालन का डिजिटलीकरण हुआ है और 13775 रनों का सरलीकरण किया गया है.

सांसद संजय सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ही कहा है कि देश की जनता अनावश्यक कानूनों के बोझ तले नहीं दबे. निश्चिंत होकर अपने रोजमर्रा की जिंदगी में काम कर सकें, कानून जनता के लिए बोझ नहीं बने, इस सोच के साथ अब भारत आगे बढ़ेगा. संजय सेठ ने कहा कि आजादी के 75 वर्षों के बाद भी कई ऐसे ब्रिटिश जमाने के कानून हैं, जिस के बोझ तले जनता दबी हुई है.

इसका सरलीकरण समय के साथ बहुत ही आवश्यक है.


वन क्षेत्र में मवेशी चराने वाले को 6 माह की सजा


आज की बैठक में सांसद संजय सेठ ने पर्यावरण,

मोटर वाहन, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, किसान कल्याण

से संबंधित कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए. उन्होंने कहा कि ग्रामीण गलती

से वन क्षेत्र में अपने मवेशी चराने चला जाता है और

इसके लिए उसे 6 माह तक कारावास की सजा भुगतनी पड़ती है.

इसके अलावा ट्रेनों में भीख मांगने जैसे मामले में भी

1 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है. बिना भुगतान के

डाक से सामान भेजना, इसके लिए भी 2 वर्ष तक की सजा

का प्रावधान है. यह सब ऐसे कानून हैं जिससे आम जनता बहुत

बुरी तरह प्रभावित होती है. निश्चित रूप से ऐसे कानूनों में

सुधार की जरूरत है. उन्होंने कहा कि ऐसे कई कानूनों को समाप्त करने की जरूरत है.

Saffrn

Trending News

CTET 2026 Exam Update: CBSE ने बदले परीक्षा नियम, अब पसंद...

 सीबीएसई ने CTET सितंबर 2026 परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी किया। इस बार परीक्षा नियमों में 4 बड़े बदलाव किए गए हैं। आवेदन की अंतिम...

Aditi Pandey Missing Case: 6 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग,...

 रांची में लापता मासूम अदिति पांडे मामले में 6 दिन बाद भी कोई ठोस सुराग नहीं मिला। नाले से मिले शव अवशेष की फॉरेंसिक...

CBSE Result 2026: Seven Stars Academy का 12वीं रिजल्ट शत-प्रतिशत, शुभम...

 रांची के सेवन स्टार्स एकेडेमी का सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहा। शुभम ने 91 प्रतिशत अंक लाकर विद्यालय में पहला स्थान...

Jharkhand Voter List Revision: झारखंड में 20 जून से शुरू होगा...

 चुनाव आयोग ने झारखंड समेत 16 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की घोषणा की है। झारखंड में प्रक्रिया 20 जून से...

Adhik Maas 2026: 17 मई से थम जाएंगी शहनाइयां, मलमास के...

 17 मई से 15 जून तक अधिकमास के कारण विवाह समेत सभी मांगलिक कार्य बंद रहेंगे। इस बार त्योहारों की तारीखें भी 15-20 दिन...
Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions
Best Packaging Solution Provider of Jharkhand

Social Media

194,000FansLike
27,500FollowersFollow
628FollowersFollow
695,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img