कटिहार : कटिहार सदर अस्पताल एक बार फिर इलाज की बदहाली को लेकर सुर्खियों में है। पॉइजनिंग से पीड़ित एक महिला को समय पर समुचित उपचार और आवश्यक दवाएं न मिलने पर परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। प्राणपुर थाना क्षेत्र के बुधेली गांव निवासी सुमित सिंह अपनी पत्नी को लेकर इमरजेंसी वार्ड पहुंचे थे। उनका कहना है कि आम के पेड़ पर छिड़कने वाला जहरीला पदार्थ गलती से पत्नी के मुंह में चला गया, जिससे गले में तेज जलन और बेचैनी शुरू हो गई।
पॉइजनिंग में दी जाने वाली जरूरी दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं है – इमरजेंसी वार्ड
आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड में मौजूद नर्सों ने बताया कि पॉइजनिंग में दी जाने वाली जरूरी दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं है और जो है वह एक्सपायर हो चुकी है। परिजन को बाहर से दवा लाने को कहा गया। सुमित सिंह के मुताबिक, बाहर से दवा लाने के बाद केवल एक डोज दी गई उसके बाद कोई ठोस चिकित्सा व्यवस्था नहीं की गई, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ती गई। घटना की खबर फैलते ही लोग अस्पताल पहुंच गए और हंगामा शुरू हो गया। लोगों ने दावा किया कि उसी दिन एक अन्य पॉइजनिंग मरीज को भी पर्याप्त इलाज नहीं मिला और रेफर करने में देरी के दौरान उसकी मौत हो गई, जिससे आक्रोश और भड़क गया।

करोड़ों की लागत से बना सदर अस्पताल सिर्फ इमारत बनकर रह गया है
प्राणपुर के बड़झला पंचायत से आए प्रदीप कुमार ने कहा कि करोड़ों की लागत से बना सदर अस्पताल सिर्फ इमारत बनकर रह गया है। दवाओं की कमी और गंभीर मरीजों को केवल रेफर करने की प्रवृत्ति आम हो चुकी है। हालात बिगड़ते देख नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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रतन कुमार की रिपोर्ट
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