New Delhi: आज परीक्षा पर चर्चा का 9वां संस्करण आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से सीधे संवाद किया। पीएम ने चर्चा में पढ़ाई के साथ साथ मानसिक शांति को जरूरी बताया। इस कार्यक्रम में उन्होंने परीक्षा के तनाव को कम करने के उपाय, पढ़ाई के व्यक्तिगत तरीके, सही लाइफस्टाइल, प्रोफेशनल और लाइफ स्किल्स पर ध्यान देने और बोर्ड एग्जाम को प्राथमिकता देने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव शेयर किए. पीएम ने बच्चों को एग्जाम वॉरियर बनने की सलाह देते हुए कहा कि परीक्षा से डरना नहीं, बल्कि उसका बहादुरी से सामना करना है।
New Delhi: पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा में दिए 5 मंत्र
1. परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं।
2. प्रतिस्पर्धा खुद से, न कि दूसरों से।
3. डिजिटल फास्टिंग: तकनीक का सही उपयोग।
4. मुश्किल काम पहले निपटाएं।
5. एग्जाम वॉरियर बनें, रट्टू तोता नहीं।
New Delhi: गेमिंग पर पीएम की सलाह
पीएम मोदी ने छात्रों को बताया कि पढ़ाई का तरीका हर किसी के लिए अलग होता है। किसी को रात में पढ़ाई अच्छी लगती है, किसी को सुबह, उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक सुझाव दे सकते हैं, लेकिन छात्रों को अपने अनुभव के अनुसार अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने शिक्षक और छात्र के बीच संतुलन बनाए रखने की सलाह देते हुए कहा कि छात्र टीचर के एक कदम आगे रहें, तो समझ बेहतर होती है।
वहीं पैरेंट्स द्वारा गेमिंग का विरोध करने पर पीएम ने छात्र को सलाह देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शुरुआत में माता-पिता रोकते हैं, यह सामान्य है। उन्होंने सलाह दी कि शांत रहो, मेहनत करो और खुद को साबित करो। जब आप सफलता पा लेते हैं, तो परिवार भी गर्व महसूस करता है और कोई रोक नहीं सकता। पीएम मोदी ने लक्ष्य निर्धारण पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण लक्ष्य ही जीवन में आगे बढ़ने का रास्ता बनाते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य हमेशा हमारी पहुंच में होना चाहिए लेकिन इतना आसान भी नहीं की चुनौती ही खत्म हो जाए।
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