बक्सर में CRPF जवानों की नई पहल : रिटायर्ड सैनिको का होगा भव्य स्वागत, स्टेशन से घर तक सम्मान यात्रा
बक्सर : देश की सुरक्षा में सालों तक सरहदों और दुर्गम इलाकों में तैनात रहने वाले जवानों के सम्मान में बक्सर के सीआरपीएफ परिवार ने एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल शुरू की है। अब जिले के जो भी जवान सेना से सेवानिवृत्त होकर अपने गांव लौटेंगे, उनका स्टेशन पर भव्य स्वागत किया जाएगा और ढोल-नगाड़ों के साथ सम्मानपूर्वक उनके घर तक पहुंचाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य रिटायर्ड जवानों को सामाजिक सम्मान दिलाना और उनके त्याग व सेवा को पहचान दिलाना है।
रिटायर्ड जवानों ने की पहल, वेतन से अंशदान कर बनाया फंड
इस नई परंपरा की जानकारी देते हुए बेचनपुरवा निवासी सीआरपीएफ जवान लाल साहब ने बताया कि जिले के सभी जवानों ने मिलकर एक ग्रुप बनाया है, जिसमें वे हर महीने अपने वेतन से कुछ राशि जमा करते हैं। पहले इस फंड से शहीद परिवारों की मदद की जाती थी, लेकिन अब जवानों ने तय किया है कि रिटायर होकर लौटने वाले साथियों का भी सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाएगा।
देश के लिये लड़ने वालों का सम्मान जरूरी
उन्होंने कहा, “जब हमारा जवान देश की सेवा करके घर लौटता है, तो उसे एक सम्मान भरी जिंदगी मिलनी चाहिए। समाज को यह पता चलना चाहिए कि यह वही व्यक्ति है जिसने वर्षों तक देश की सुरक्षा की है।”
जवान सुदर्शन ठाकुर का हुआ भव्य स्वागत, 35 वर्षों तक की देश सेवा
इसी क्रम में बक्सर स्टेशन पर सेवानिवृत्त सीआरपीएफ जवान सुदर्शन ठाकुर का भव्य स्वागत किया गया। ग्राम गंगौली, पोस्ट सेमरी (जिला बक्सर) निवासी ठाकुर ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में 35 वर्षों से अधिक समय तक सेवा दी। उन्होंने 01 मई 1991 को सीआरपीएफ जॉइन किया था और अपने कार्यकाल में देश के कई संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में तैनात रहे।
उनकी अंतिम पोस्टिंग 36वीं बटालियन, ददम सर्कल, जिला तिरप (अरुणाचल प्रदेश) में थी, जहां उन्होंने पूरी निष्ठा, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई।
धीरज कुमार की रिपोर्ट
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