शास्त्री जी का जीवन देशवासियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहेगा- पीएम मोदी
नई दिल्ली : दो अक्तूबर को गांधी जयंती के अलावा देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के रूप में भी जाना जाता है. लाल बहादुर शास्त्री की आज 118वीं जयंती है. महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जन्म एक ही दिन हुआ था और 2 अक्टूबर को दोनों की जयंती मनाई जाती है. दोनों ने ही अपना पूरा जीवन इस देश के लिए समर्पित कर दिया. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर पीएम मोदी सहित कई नेताओं ने श्रद्धाजंलि दी.
लाल बहादुर शास्त्री को नमन करते हुए पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘’पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन. मूल्यों और सिद्धांतों पर आधारित उनका जीवन देशवासियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहेगा.’’
शास्त्री जी का जन्म उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में 2 अक्टूबर, 1904 को शारदा प्रसाद और रामदुलारी देवी के घर हुआ था. देश की आजादी में लाल बहादुर शास्त्री का खास योगदान है. उनकी सादगी और साहस से हर कोई परिचित है. बात 1965 के युद्ध की है जब 1962 के युद्ध में भारत चीन से हार गया था तब पाकिस्तान को भ्रम हो गया कि भारतीय सेना की बाजुओं में इतना दम नहीं है. इसी सोच के साथ उसने भारत पर हमला कर दिया. उस दौरान लाल बहादुर शास्त्री द्वारा अपनाई गई रणनीति पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए काफी थी. बता दें कि वे 9 जून, 1964 को देश के दूसरे प्रधानमंत्री बने थे.
साल 1920 में शास्त्री जी भारत की आजादी की लड़ाई में शामिल हो गए थे और स्वाधीनता संग्राम के आंदोलनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही. इनमें मुख्य रूप से 1921 का असहयोग आंदोलन, 1930 का दांडी मार्च और 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन उल्लेखनीय हैं. शास्त्री ने ही देश को ‘‘जय जवान, जय किसान’’ का नारा दिया था.
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