पलामू में 1996-97 के फूड फॉर वर्क योजना से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में एसीबी ने दो रिटायर पंचायत सेवकों समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
Palamu Corruption Case पलामू: झारखंड के पलामू जिले में भ्रष्टाचार के करीब 32 वर्ष पुराने मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी की टीम ने गुरुवार देर शाम दो रिटायर पंचायत सेवकों समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में चार संवेदक भी शामिल हैं। सभी आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर जेल भेज दिया गया।
Palamu Corruption Case:1996-97 की फूड फॉर वर्क योजना से जुड़ा है मामला
एसीबी के अनुसार, पूरा मामला वर्ष 1996-97 में संचालित फूड फॉर वर्क योजना से जुड़ा है। छतरपुर और नौडीहा बाजार प्रखंड में कुआं निर्माण, नाले पर बांध निर्माण, खाद्यान्न मद और पीएमजीवाई के तहत सड़क निर्माण जैसी विभिन्न योजनाएं संचालित की गई थीं।
इन योजनाओं में सरकारी राशि के गबन का आरोप है। आरोप के मुताबिक संबंधित अधिकारियों, पंचायत सेवकों और संवेदकों की मिलीभगत से कई योजनाओं में बिना काम कराए ही राशि की निकासी कर ली गई। इसके अलावा योजना के तहत उपलब्ध कराए गए खाद्यान्न की कालाबाजारी किए जाने का भी आरोप है।
Key Highlights
- पलामू में 32 वर्ष पुराने भ्रष्टाचार मामले में एसीबी की बड़ी कार्रवाई।
- दो रिटायर पंचायत सेवकों समेत छह आरोपियों की गिरफ्तारी।
- गिरफ्तार आरोपियों में चार संवेदक भी शामिल हैं।
- 1996-97 की फूड फॉर वर्क योजना में राशि गबन का आरोप।
- मामले में बीडीओ, अभियंताओं, पंचायत सेवकों और संवेदकों समेत करीब 20 लोगों पर केस दर्ज है।
Palamu Corruption Case:बीडीओ से लेकर संवेदकों तक करीब 20 लोगों पर केस
इस मामले में बीडीओ, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, पंचायत सेवक और संवेदकों समेत करीब 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। लंबे समय से लंबित इस मामले में एसीबी की जांच के बाद अब गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है।
एसीबी की टीम ने छतरपुर से महेश प्रसाद गुप्ता और नौडीहा बाजार से रामचंद्र यादव उर्फ चरण यादव को गिरफ्तार किया। दोनों रिटायर पंचायत सेवक बताए जा रहे हैं। इनके अलावा चार संवेदकों को भी गिरफ्तार किया गया है।
Palamu Corruption Case:मेडिकल जांच के बाद सभी आरोपियों को भेजा गया जेल
गिरफ्तारी के बाद सभी छह आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें जेल भेज दिया गया। एसीबी की कार्रवाई के बाद पुराने मामले में शामिल अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।


















