Bihar Panchayat Training: बिहार में पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े जनप्रतिनिधियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को और अधिक सरल, प्रभावी और उपयोगी बनाने की तैयारी की जा रही है। पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रशिक्षण मॉड्यूल को जनप्रतिनिधियों की योग्यता और जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाए। मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण सामग्री में भाषाई सरलता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही मॉड्यूल में ग्राफिक्स और नई गतिविधियों को शामिल कर प्रशिक्षण को अधिक रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। गुरुवार को मंत्री राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों और कर्मियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा कर रहे थे।
प्रशिक्षण की गुणवत्ता और सरल मॉड्यूल पर विशेष जोर
बैठक के दौरान प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार, मॉड्यूल को आसान बनाने और प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने सहित कई विषयों पर चर्चा की गई। मंत्री दीपक प्रकाश ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दौरान मिलने वाले फीडबैक को भी प्रशिक्षण मॉड्यूल में शामिल किया जाए। इसका उद्देश्य यह है कि पंचायत प्रतिनिधियों को उनके कार्य और जिम्मेदारियों से संबंधित व्यावहारिक एवं उपयोगी जानकारी सरल तरीके से उपलब्ध कराई जा सके।
LSDG-9 थीमों के लिए बनेगी चेकलिस्ट
बैठक में सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण यानी LSDG-9 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने निर्देश दिया कि नौ थीमों के क्रियान्वयन के लिए एक चेकलिस्ट तैयार की जाए। इस चेकलिस्ट को मुखिया, स्टैंडिंग कमेटी और निगरानी समिति तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। इससे पंचायत स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और उनकी निगरानी को बेहतर बनाने में मदद मिल सकेगी। लो कॉस्ट और नो कॉस्ट योजनाओं के लिए थीमवार कुछ पंचायतों को चिह्नित कर कार्य करने पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि पंचायतों द्वारा चयनित योजनाओं से होने वाले लाभ की नियमित समीक्षा की जानी चाहिए।
सभी पंचायतों के लिए बनेगा तीन महीने का एक्शन प्लान
बैठक में सभी पंचायतों के लिए तीन महीने का एक्शन प्लान तैयार करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि तैयार कार्ययोजना का समयबद्ध तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। योजनाओं के परिणामों की नियमित समीक्षा करने और पंचायत स्तर पर होने वाले कार्यों की प्रगति पर नजर रखने की व्यवस्था को भी मजबूत बनाने की बात कही गई। सरकार का प्रयास है कि पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं की योजना बनाने से लेकर उनके क्रियान्वयन और निगरानी तक की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित किया जा सके।
डिजिटल मॉनिटरिंग और AI आधारित प्रशिक्षण को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री ने चेकलिस्ट से संबंधित सभी आंकड़ों को डिजिटल करने का निर्देश दिया। इसके अलावा विभिन्न विभागों से फीडबैक प्राप्त कर मुख्यालय स्तर पर एक डैशबोर्ड विकसित करने की बात कही गई। इस डैशबोर्ड के माध्यम से पंचायतों में चल रही गतिविधियों और योजनाओं की नियमित निगरानी की जा सकेगी। बैठक के दौरान प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत तैयार किए गए AI मॉड्यूल का भी प्रदर्शन किया गया। मंत्री ने निर्देश दिया कि AI मॉड्यूल में बिहार से संबंधित जानकारी को अपडेट किया जाए। उन्होंने कंटेंट को अधिक उपयोगी, सरल और जनप्रतिनिधियों की जरूरतों के अनुरूप बनाने पर जोर दिया। साथ ही प्रशिक्षण व्यवस्था को डिजिटल फॉर्मेट में विकसित करने की दिशा में भी काम करने के निर्देश दिए गए। बैठक में निदेशक नवीन कुमार सिंह सहित बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्था के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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