रांची के रिम्स से चोरी हुई बाइक सुजाता चौक पर ट्रैफिक पुलिस ने पकड़ी, लेकिन सत्यापन के बजाय 9 हजार का चालान काटकर चोर को छोड़ दिया।
Ranchi Bike Theft रांची: राजधानी रांची में बाइक चोरी रोकने के लिए पुलिस के सूचना तंत्र और वायरलेस अलर्ट सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। रिम्स परिसर से दिनदहाड़े चोरी हुई बाइक को ट्रैफिक पुलिस ने सुजाता चौक पर रोक लिया, लेकिन बाइक के चोरी होने की पुष्टि किए बिना चोर को वाहन समेत जाने दिया। पुलिस ने उल्टे बाइक का 9 हजार रुपये का चालान काट दिया।
पीड़ित के मोबाइल पर चालान का मैसेज पहुंचने के बाद पुलिस की लापरवाही सामने आई। घटना 30 अगस्त की है। पीड़ित फैसल खान रिम्स में भर्ती अपने दोस्त की पत्नी को देखने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी बाइक चोरी हो गई। बाइक उनकी मां निगार सुल्तान के नाम पर रजिस्टर्ड है।
Ranchi Bike Theft:13 चालान पहले से पेंडिंग, फिर भी पुलिस को नहीं हुआ शक
बाइक चोरी होने के बाद फैसल ने बरियातू थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद बरियातू पुलिस ने कंट्रोल रूम को सूचना देकर वायरलेस के माध्यम से सभी थानों, पीसीआर और ट्रैफिक पोस्ट को बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर फ्लैश कराया था।
इसके बावजूद चोर बिना नंबर प्लेट बदले बाइक लेकर शहर में घूमता रहा। सुजाता चौक पर ट्रैफिक पुलिस ने बाइक को रोक भी लिया। बाइक पर पहले से 13 चालान लंबित थे। इसके बाद भी पुलिसकर्मियों ने चोरी की बाइक होने की आशंका में सत्यापन नहीं किया और 9 हजार रुपये का नया चालान काटकर चोर को बाइक समेत छोड़ दिया।
अगर पुलिसकर्मी कंट्रोल रूम के अलर्ट या उपलब्ध वाहन रिकॉर्ड से बाइक नंबर का मिलान करते, तो चोर को मौके पर ही पकड़ा जा सकता था और बाइक बरामद हो सकती थी।
Ranchi Bike Theft:चालान का मैसेज आते ही सुजाता चौक पहुंचे पीड़ित
ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान काटे जाने के बाद उसका मैसेज बाइक के मालिक के मोबाइल नंबर पर पहुंचा। मैसेज देखकर फैसल को पता चला कि चोरी हुई बाइक सुजाता चौक पर पकड़ी गई थी। वह तुरंत वहां पहुंचे, लेकिन तब तक चोर बाइक लेकर फरार हो चुका था।
ट्रैफिक पुलिस के चालान सिस्टम में चोर की तस्वीर जरूर मिली, लेकिन बाइक बरामद नहीं हो सकी। अब पीड़ित बरियातू थाना और ट्रैफिक पुलिस के चक्कर लगा रहा है। फैसल का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण चोर को भागने का मौका मिला और उसकी बाइक अब तक बरामद नहीं हो सकी है।
फैसल ने बताया कि बाइक उनकी मां निगार सुल्तान के नाम पर दर्ज है। चोरी की सूचना मिलने के बाद उन्होंने तत्काल थाने में शिकायत की थी और पुलिस को बाइक का पूरा रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध कराया था।
Key Highlights
- रिम्स परिसर से 30 अगस्त को फैसल खान की बाइक चोरी हुई थी।
- बरियातू पुलिस ने चोरी के बाद बाइक नंबर का वायरलेस अलर्ट जारी किया था।
- सुजाता चौक पर ट्रैफिक पुलिस ने बाइक रोककर 9 हजार रुपये का चालान काटा।
- बाइक पर पहले से 13 चालान लंबित थे, फिर भी चोरी का सत्यापन नहीं हुआ।
- चालान का मैसेज मिलने के बाद पीड़ित पहुंचा, लेकिन तब तक चोर बाइक लेकर फरार हो चुका था।
Ranchi Bike Theft:कंट्रोल रूम से अलर्ट के बाद भी सत्यापन में चूक
चोरी या लूट जैसी घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस कंट्रोल रूम से वायरलेस के माध्यम से संबंधित वाहन और घटना का विवरण प्रसारित किया जाता है। इस अलर्ट में पीसीआर के अलावा थाना पुलिस, पेट्रोलिंग टीम, ट्रैफिक पुलिस और मोबाइल दस्तों को भी सूचना दी जाती है।
संदिग्ध वाहन मिलने पर पुलिस को उसके नंबर का सत्यापन करना होता है। चोरी की पुष्टि होने पर कंट्रोल रूम के रिकॉर्ड से नंबर का मिलान कर वाहन को जब्त किया जा सकता है। रांची के इस मामले में कंट्रोल रूम से बाइक का नंबर फ्लैश किए जाने के बावजूद सुजाता चौक पर सत्यापन नहीं किया गया।
इस घटना ने राजधानी में पुलिस के बीच सूचना के आदान-प्रदान, वायरलेस अलर्ट और वाहन सत्यापन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि चोरी की सूचना पहले से प्रसारित होने के बावजूद उसी नंबर की बाइक ट्रैफिक पुलिस के सामने आने पर उसे पहचानने और सत्यापन करने में चूक कैसे हुई।


















