आरा : भोजपुर के सदर अस्पताल में डायरिया से पीड़ित मरीज का इलाज चल रहा है। सदर अस्पताल में भर्ती मरीज का इलाज परिजन द्वारा झाड़-फूंक और आरती उतार कर किया जा रहा है। बता दें कि मरीज इमरजेंसी वार्ड में डायरिया से पीड़ित है, परिजनों द्वारा जानकारी दी जा रही है। वहीं उनका इलाज सोमवार की शाम छह बजे पर परिजनों द्वारा झाड़-फूंक कर किया जा रहा है। वहीं अस्पताल प्रशासन बेफिक्र है।
लोगों को डॉक्टरों का इलाज पर भरोसा नहीं है
स्वास्थ्य के बेहतर दावे देने वाले आरा सदर अस्पताल में जहां लोगों को डॉक्टरों का इलाज पर भरोसा नहीं है। वहीं पर डायरिया से बीमार व्यक्ति का इलाज परिजनों द्वारा झाड़-फूंक और आरती से ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। मामला है भोजपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भलाइपुर निवासी स्वर्गीय नीलू यादव के पुत्र धनपाल यादव जो लगभग एक सप्ताह से बीमार चल रहे थे। जिन्हें सोमवार को आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजन द्वारा डायरिया की शिकायत बताई जा रही है।
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अस्पताल में ही झाड़-फूंक करने लगी मरीज की पत्नी
वहीं आरा सदर अस्पताल में इलाज के बावजूद मरीज की पत्नी के द्वारा झाड़ फूंक आरा सदर अस्पताल के इमरजेंसी में ही करने लगी। अपने पति को ठीक करने के लिए आरती उतारने लगी। यह देखकर अस्पताल में सभी मरीज हैरत में पड़ गए। वहीं इस पूरी घटना से अस्पताल बेफिक्र है। साइंस कितना आगे बढ़ गया है। प्रतिदिन नई उपलब्धियां की खोज में डॉक्टर और साइंटिस्ट लगे हैं। वहीं बेहतर चिकित्सा का दवा सरकार कर रही है। भोजपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मॉडल हॉस्पिटल में आकर मरिज के परिजन द्वारा डायरिया को ठीक करने के लिए झाड़ फूंक का इस्तेमाल करना हमारी मेडिकल सुविधा को भी चुनौती दे रहा है।
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नेहा गुप्ता की रिपोर्ट
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