Patna News: राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित चीनी मिल संचालकों ने चालू पेराई सत्र में 31 दिसंबर तक किसानों से 216 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की है. इसमें सबसे अधिक हरिनगर चीनी मिल ने गन्ना खरीदा है। जबकि गन्ना खरीदने में नरकटियागंज दूसरे स्थान पर है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार बिहार में संचालित चीनी मिलों ने पेराई सत्र 2025-26 में 31 दिसंबर तक करीब 223.86 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की है. वहीं प्रतापपुर चीनी मिल ने दो माह में सीवान जिले के किसानों से 2.20 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की है.
इसमें हरिनगर चीनी मिल ने 45.40 लाख क्विंटल, नरकटियागंज 37.24 लाख क्विंटल, बगहा 32.36 लाख क्विंटल, मझौलिया 22.63 लाख क्विंटल, हसनपुर 17 लाख क्विंटल, सिधवलिया 14.09 लाख क्विंटल, गोपालगंज 12.81 लाख क्विंटल, लौरिया 12.34 लाख क्विंटल और सुगौली चीनी मिल ने 10.99 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा है. जबकि सीवान जिले से सटे उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में स्थित प्रतापपुर चीनी मिल ने बिहार के किसानों से 2.20 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा है. इस चीनी मिल में सीवान जिले के किसान अपना गन्ना भेजते हैं.
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गन्ना खरीद का नया रिकॉर्ड : किसानों को मिलों ने किया 618 करोड़ रुपये का भुगतान
बताया जाता है कि राज्य के सभी चीनी मिल संचालकों ने किसानों से नवंबर और दिसंबर माह 769 करोड़ 84 लाख 39 हजार रुपये मूल्य की गन्ना खरीद की है. इसमें किसानों को 617 करोड़ 19 लाख 96 हजार रुपये भुगतान कर दिया गया है. वहीं उत्तर प्रदेश की प्रतापपुर चीनी मिल ने बिहार के किसानों को एक करोड़ दो लाख रुपये भुगतान कर दिया है. विभाग के अनुसार 31 दिसंबर तक करीब 774 करोड़ 31 लाख 39 हजार रुपये मूल्य की लागत से 216.06 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की गई, जिसमें किसानों को 618 करोड़ 21 लाख 96 हजार रुपये का भुगतान किया गया है.
शेष 156 करोड़ 09 लाख 43 हजार रुपये बकाया राशि का भुगतान करने की प्रक्रिया जारी है. इस मामले में ईख आयुक्त अनिल कुमार झा ने बताया कि दो माह में राज्य के किसानों से 216 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की गई थी, जिसमें 816 करोड़ 21 लाख रुपये का भुगतान चीनी मिलों ने कर दिया है. जो खरीद मूल्य का 82 फीसदी राशि है. शेष बकाया राशि को शीघ्र भुगतान कराने प्रयास किया जा रहा है.
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