गोपालगंज सदर अस्पताल में एआरवी इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को हो रही है काफी परेशानी
गोपालगंज : जिले के सदर अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और रेफर अस्पतालों में कुत्ता व बिल्ली के काटने के बाद लगाया जाने वाला एआरवी इंजेक्शन (Anti Rabies Vaccine) बीते 28 तारीख से पूरी तरह खत्म हो चुका है।
इस वजह से पूरे जिले के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि 30 से 50 किलोमीटर दूर-दराज के इलाकों से लोग अपने बच्चों और परिजनों को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
गरीब तबके पर सबसे ज्यादा असर
इस संकट का सबसे ज्यादा असर गरीब और कमजोर वर्ग पर देखने को मिल रहा है। जिनके पास पैसे नहीं हैं, वे निजी क्लिनिक या मेडिकल स्टोर से महंगा इंजेक्शन लगवाने में असमर्थ हैं। वहीं दूसरी ओर, इस कमी का फायदा निजी अस्पताल और मेडिकल दुकानदार उठा रहे हैं, जहां एआरवी इंजेक्शन ऊंचे दामों पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक यह समस्या सिर्फ गोपालगंज तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बिहार में एआरवी इंजेक्शन की किल्लत बनी हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि सूत्रों का कहना है कि एक से दो दिनों के भीतर सदर अस्पताल से लेकर जिले के सभी पीएचसी, सीएचसी और रेफर अस्पतालों में एआरवी इंजेक्शन की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
पीड़ितों ने कहा इंजेक्शन नहीं मिलने से परेशानी
जब सदर अस्पताल में पहुंचे कुत्ता और बिल्ली काटे गए मरीजों के परिजनों से बातचीत की गई, तो उनका दर्द साफ तौर पर कैमरे पर झलकता नजर आया। लोगों का कहना है कि बच्चों की जान का सवाल है, लेकिन सरकारी अस्पतालों में दवा नहीं मिलना बेहद चिंताजनक है।
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शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव की रिपोर्ट
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