झारखंड सरकार ने PESA Rules 2025 लागू किए। ग्राम सभा को दंड, संसाधन प्रबंधन, स्वशासन और विकास योजनाओं पर वीटो का अधिकार मिला।
PESA Rules 2025 implemented in Jharkhand रांची: झारखंड सरकार ने अनुसूचित क्षेत्रों के लिए पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली पैसा 2025 को लागू कर दिया है। इसकी अधिसूचना जारी होते ही राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में यह नियमावली तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। सरकार का उद्देश्य जनजातीय समुदायों की पारंपरिक व्यवस्थाओं को सशक्त करना और गांवों में स्वशासन की मजबूत नींव तैयार करना है। इस नियमावली के तहत ग्राम सभा को निर्णय की केंद्रीय इकाई बनाया गया है और जल, जंगल व जमीन पर पारंपरिक अधिकारों को कानूनी सुरक्षा दी गई है।
PESA Rules 2025 implemented in Jharkhand:ग्राम सभा की सहमति और दंड व्यवस्था
नई नियमावली के अनुसार किसी भी निर्णय के लिए ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य होगी। निर्णय ग्राम सभा की बैठक में होंगे, जिसमें कोरम पूरा करना जरूरी होगा। यदि गांव के किसी व्यक्ति द्वारा क्षति पहुंचाई जाती है तो ग्राम सभा दंड निर्धारित कर सकेगी। यह दंड अधिकतम दो हजार रुपये तक होगा और प्रभावित व्यक्ति की आर्थिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए तय किया जाएगा। दंड की राशि ग्राम कोष में जमा होगी। यदि गलती नीयत से नहीं की गई हो और दोषी भूल स्वीकार कर ले तो ग्राम सभा माफी भी दे सकेगी। ग्राम सभा के पास कारावास की सजा देने का अधिकार नहीं होगा। दंड के विरुद्ध अपील की व्यवस्था पारंपरिक सामाजिक ढांचे में दी गई है और अंतिम विकल्प के रूप में न्यायालय जाने का अधिकार भी सुरक्षित रखा गया है।
Key Highlights
ग्राम सभा को अधिकतम दो हजार रुपये तक आर्थिक दंड लगाने का अधिकार
जल निकायों, लघु खनिजों और लघु वन उपज पर ग्राम सभा का नियंत्रण
विकास योजनाओं पर ग्राम सभा को वीटो पावर
ग्राम कोष की स्थापना और पारंपरिक विवाद निपटारे की मान्यता
अनुसूचित क्षेत्रों में स्वशासन को कानूनी मजबूती
PESA Rules 2025 implemented in Jharkhand:विकास योजनाओं और संसाधनों पर ग्राम सभा का नियंत्रण
पैसा नियमावली 2025 के तहत ग्राम सभा को अपने क्षेत्र में जल निकायों, लघु खनिजों और लघु वन उपज के प्रबंधन का अधिकार दिया गया है। तालाब, झरना, नहर, बालू घाट और बाजार प्रबंधन अब ग्राम सभा की निगरानी में होंगे। महुआ, शहद, लाह, बांस और औषधीय पौधों जैसी लघु वन उपज पर ग्राम सभा का पूर्ण नियंत्रण होगा। किसी भी सरकारी योजना को गांव में लागू करने से पहले ग्राम सभा की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यदि ग्राम सभा 30 दिनों के भीतर किसी योजना पर निर्णय नहीं लेती है तो उसे स्वतः स्वीकृत माना जाएगा।
PESA Rules 2025 implemented in Jharkhand:ग्राम कोष और सामाजिक जिम्मेदारियां
प्रत्येक ग्राम सभा अपना ग्राम कोष स्थापित कर सकेगी, जिसमें अन्न, श्रम, वस्तु और नगद कोष शामिल होंगे। इस कोष में लघु वन उपज से प्राप्त रॉयल्टी, दंड राशि, तालाब लीज से प्राप्त राजस्व, बाजार शुल्क और अन्य आय जमा की जाएगी। इस राशि का उपयोग गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने, विवाद समाधान और सामुदायिक जरूरतों के लिए किया जाएगा। नियमावली में अंधविश्वास, जादू टोना और डायन बिसाही जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ ग्राम सभा को कड़े कदम उठाने और जागरूकता अभियान चलाने का दायित्व सौंपा गया है।
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