Advertisment

PK की रैली: खोदा पहाड़ निकली चुहिया वाली बात हो गई

एस के राजीव, संपादक की कलम से

पटना: एक कहावत तो आपने जरूर सुनी होगी, ‘खोदा पहाड़ निकली चुहिया’। इस कहावत को चरितार्थ कर दिया जन सुराज पार्टी के संयोजक प्रशांत किशोर (PK)  ने। दरअसल राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर अपने आप को देश की राजनीति का बड़ा चेहरा मानते हैं और इसी अहंकार में वे नीतीश से लेकर नरेंद्र मोदी तक तो कभी लालू यादव से लेकर कांग्रेस के राहुल गांधी तक को उनकी औकात दिखाते रहते हैं। स्वघोषित बड़े नेता प्रशांत किशोर को यह नहीं पता था कि उनकी खुद की औकात राजधानी पटना में स्थित गांधी मैदान दिखा कर समझा भी देगा।

प्रशांत किशोर ने 11 अप्रैल को राजधानी पटना के गांधी मैदान में एक रैली बुलाई थी और दावा कर रहे थे कि कम से कम 5 लाख लोग जुटेंगे। शुक्रवार को दो बजे से आहूत रैली में प्रशांत किशोर जब 6 बजे पहुंचे तो विशाल रैली देख कर इस कदर गदगद हुए कि बोलने के लिए कुछ बचा ही नहीं। राजनीति के नए साहब को यह उम्मीद थी कि सूर्य के डूबते डूबते भी इनकी रैली को भीड़ उबाड़ लेगी लेकिन हुआ इसका विपरीत। जब वे मंच पर लोगों को संबोधित करने के लिए पहुंचे तो उस वक्त रैली में बमुश्किल सौ से दो सौ लोगों की उपस्थिति थी। PK  PK  PK  PK  PK 

यह भी पढ़ें – फेल हो गई राजनीतिक रणनीतिकार PK की रणनीति, रैली में खाली रह गई सारी कुर्सियां…

jan suraj rally pk 22Scope News

अहंकार में डूबे रहते हैं PK

सच तो यह है कि बिहार की राजनीति को समझना इतना आसान नहीं है जितना ये साहब समझते हैं। कुछ मीडिया घरानों के बल पर जनता के दिलों पर राज करना कितना आसान है ये बात अब प्रशांत किशोर के समझ में आ गई होगी। हालांकि अगर लोगों की बात की जाये तो लोग कहते हैं कि प्रशांत किशोर इस कदर अहंकार में डूबे रहते हैं कि अपने कार्यकर्ताओं से भी सीधी मुंह बात नहीं करते हैं। एक तो बिहार में सवर्ण जाति का होना अपने आप में गुनाह जैसा है और उस पर अहंकार का चादर ओढ़ लिया तो फिर जनता यही हाल करती है जो पीके की रैली का हुआ।

अब सवाल उठता है कि क्या पीके अपनी इसी भीड़ के सहारे बिहार का चुनाव जीतेंगे या फिर ‘पुनर्मूषको भव’ वाली बात दुहराते हुए अपनी पुरानी रणनीति की दुकान खोलने के लिए वापस चले जायेंगे। यह तो सोलह आना सच है कि जिस तरह से पीके की रैली में भीड़ उमड़ी उस भीड़ से बिहार में सरकार बनाना तो दूर कुछ सीट जीतना भी असंभव ही है।

https://www.youtube.com/@22scopestate/videos

यह भी पढ़ें-   Gaya के इस गांव में चापाकल और कुआं से सालों भर निकलता है गर्म पानी, लोगों ने कहा…

Jharkhand High Court Verdict: मानसिक बीमारी का सिर्फ आरोप तलाक का...

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि केवल मानसिक बीमारी का आरोप लगाकर तलाक नहीं लिया जा सकता। इसके लिए ठोस और चिकित्सीय साक्ष्य प्रस्तुत करना...

JSSC Recruitment 2026: सहायक आचार्य भर्ती आवेदन स्थगित, Inter Level Exam...

जेएसएससी ने सहायक आचार्य (पारा कोटि) भर्ती 2026 की आवेदन प्रक्रिया स्थगित कर दी है। इंटर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2026 के आवेदन की...

JPSC Recruitment Process: जेपीएससी में खत्म हुई Member in Charge व्यवस्था,...

झारखंड लोक सेवा आयोग ने भर्ती प्रक्रिया में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। वर्षों पुरानी मेंबर इन चार्ज व्यवस्था लगभग समाप्त कर दी गई...