पिता और दो बहनों के बीच हजारीबाग सदर विधानसभा सीट पर सियासी प्रतिस्पर्धा: कांग्रेस में मची हलचल

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बाप और दो बहनों के बीच हजारीबाग सदर विधानसभा सीट पर सियासी प्रतिस्पर्धा: कांग्रेस में मची हलचल
बाप और दो बहनों के बीच हजारीबाग सदर विधानसभा सीट पर सियासी प्रतिस्पर्धा: कांग्रेस में मची हलचल
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हजारीबाग:  सदर विधानसभा सीट पर आगामी चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में 38 लोगों ने इस सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है, जिससे यह सीट अब एक हॉट सीट बन गई है।

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सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि बड़का गांव की विधायक अंबा प्रसाद के पिता योगेंद्र साव और उनकी बहन अनुप्रिया साव ने भी हजारीबाग सदर विधानसभा सीट से अपनी दावेदारी पेश की है। योगेंद्र साव पूर्व मंत्री रह चुके हैं और कांग्रेस में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं, जबकि अनुप्रिया साव का परिवार पहले ही क्षेत्रीय राजनीति में गहरी पैठ बना चुका है।

इससे पहले, हजारीबाग सदर विधानसभा सीट पर बीजेपी का वर्चस्व रहा है, जहां से मनीष जैसवाल विधायक रह चुके हैं और अब सांसद हैं। इस बार बीजेपी ने भी 25 लोगों को टिकट के लिए इच्छुक घोषित किया है, जिनमें नए चेहरे भी शामिल हैं।

कांग्रेस को अब यह तय करना है कि इस सीट पर किसे उम्मीदवार बनाए, क्योंकि पिताजी और बेटी की दावेदारी के अलावा अन्य बड़े नाम भी तालिका में हैं। योगेंद्र साव और अनुप्रिया साव के बीच प्रतिस्पर्धा के चलते कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी के लिए निर्णय लेना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

इस बीच, बीजेपी के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण मौका हो सकता है, क्योंकि मनीष जैसवाल के सांसद बनने के बाद सीट खाली हुई है और पार्टी एक नया चेहरा मैदान में उतार सकती है।

हजारीबाग सदर विधानसभा की यह स्थिति दर्शाती है कि इस बार चुनावी मैदान में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है, जहां दोनों प्रमुख पार्टियां कांग्रेस और बीजेपी अपने-अपने दावेदारों को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही हैं।

 

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