झारखंड में Teaching Assistant Scheme अप्रैल से लागू होगी। यूजी को 1500 और पीजी को 2000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। चयन स्क्रीनिंग टेस्ट से होगा।
Teaching Assistant Scheme रांची: राज्य के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के अंतर्गत संचालित सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालय पीजी विभागों में टीचिंग असिस्टेंटशिप योजना लागू करने की तैयारी की जा रही है। उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग इस योजना को अप्रैल माह से शुरू करने की दिशा में काम कर रहा है। योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को शिक्षण कार्य में सहयोग के बदले मासिक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
Teaching Assistant Scheme : टीचिंग असिस्टेंट की भूमिका और कार्य
टीचिंग असिस्टेंट मुख्य रूप से असाइनमेंट चेकिंग, डाउट क्लियर करने, लैब वर्क और शैक्षणिक गतिविधियों में अपने जूनियर विद्यार्थियों और शिक्षकों की सहायता करेंगे। चयन विषयवार उसी संस्थान में अध्ययनरत विद्यार्थियों में से किया जाएगा, ताकि अकादमिक तालमेल बेहतर रहे।
Key Highlights
अप्रैल से सभी विवि और कॉलेजों में टीचिंग असिस्टेंटशिप योजना लागू होगी
यूजी को 1500 और पीजी को 2000 रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि
चयन स्क्रीनिंग टेस्ट और उत्कृष्ट अकादमिक प्रदर्शन के आधार पर
एक सेमेस्टर के लिए नियुक्ति, प्रति सप्ताह 10 घंटे कार्य
योजना पर सरकार का अनुमानित वार्षिक व्यय 10 करोड़ रुपये
Teaching Assistant Scheme : चयन प्रक्रिया और योग्यता मानदंड
टीचिंग असिस्टेंट का चयन संबंधित विभागाध्यक्ष द्वारा आयोजित स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से किया जाएगा। चयन के लिए विद्यार्थी का अकादमिक प्रदर्शन उत्कृष्ट होना अनिवार्य है। संबंधित विषय में टॉप पांच अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में से चयन होगा। इसके अलावा पूर्व वर्षों में सभी विषयों को मिलाकर औसतन न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। अभ्यर्थी उसी विषय में द्वितीय वर्ष या उससे ऊपर के सेमेस्टर में अध्ययनरत होना चाहिए।
विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर टीचिंग असिस्टेंट की नियुक्ति की जाएगी। 20 विद्यार्थियों तक किसी टीचिंग असिस्टेंट की नियुक्ति नहीं होगी। 21 से 40 विद्यार्थियों पर एक और 40 से अधिक विद्यार्थियों पर अधिकतम दो टीचिंग असिस्टेंट रखे जाएंगे।
Teaching Assistant Scheme : मानदेय, अवधि और वित्तीय प्रावधान
टीचिंग असिस्टेंट अधिकतम एक सेमेस्टर के लिए कार्य करेंगे और अगले सेमेस्टर में नए चयन की प्रक्रिया होगी। प्रति सप्ताह 10 घंटे का कार्य निर्धारित किया गया है। चयनित यूजी विद्यार्थियों को 1500 रुपये प्रतिमाह और पीजी विद्यार्थियों को 2000 रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। संबंधित विश्वविद्यालय की ओर से प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
सरकारी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इस प्रोत्साहन राशि का वहन राज्य सरकार करेगी, जबकि निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इसका खर्च स्वयं संस्थान उठाएंगे। सरकार ने इस योजना पर वार्षिक लगभग 10 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान रखा है। टीचिंग असिस्टेंट के चयन पर अंतिम स्वीकृति झारखंड स्टेट हायर एजुकेशन काउंसिल द्वारा दी जाएगी।
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