नौकरी छोड़ने को मजबूर नहीं की जा सकती पत्नी, Jharkhand High Court का बड़ा फैसला

Jharkhand High Court ने दांपत्य अधिकार बहाली मामले में कहा कि पत्नी को नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, आर्थिक आत्मनिर्भरता वैध अधिकार है।


Jharkhand High Court : झारखंड हाईकोर्ट ने दांपत्य अधिकारों की बहाली से जुड़े एक अहम मामले में स्पष्ट किया है कि किसी पत्नी को अपनी नौकरी छोड़कर पति के साथ रहने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि नौकरी जारी रखना पति से अलग रहने का एक उचित और वैध कारण हो सकता है। यह फैसला जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने सुनाया।


Key Highlights

  1. हाईकोर्ट ने पत्नी को नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर करने से इनकार किया

  2. नौकरी जारी रखना अलग रहने का वैध कारण माना गया

  3. दांपत्य अधिकार बहाली का मतलब जबरन सहवास नहीं

  4. फैमिली कोर्ट का आदेश बरकरार, पति की अपील खारिज

  5. महिला की आर्थिक आत्मनिर्भरता को संवैधानिक महत्व


Jharkhand High Court :कोर्ट की टिप्पणी, महिला को आत्मनिर्भर रहने का अधिकार

खंडपीठ ने कहा कि आधुनिक समाज में महिला को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर रहने का पूरा अधिकार है। पत्नी का नौकरी जारी रखना किसी भी तरह से अनुचित आचरण नहीं माना जा सकता। दांपत्य अधिकारों की बहाली का अर्थ यह नहीं है कि पत्नी को जबरन पति की शर्तों पर जीवन जीने के लिए मजबूर किया जाए। विवाह एक साझेदारी है, जिसमें दोनों पक्षों को आपसी समझ और संतुलन बनाकर चलना होता है।

Jharkhand High Court :क्या था पूरा मामला

पति जितेंद्र आजाद ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा नौ के तहत अपनी पत्नी के खिलाफ दांपत्य अधिकारों की बहाली के लिए याचिका दायर की थी। दोनों का विवाह 12 मार्च 2018 को हिंदू रीति रिवाज से हुआ था। पति का आरोप था कि पत्नी बिना किसी उचित कारण के उसे छोड़कर अलग रह रही है।

वहीं पत्नी ने अदालत में कहा कि उस पर सरकारी नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था। पत्नी वर्तमान में पाकुड़ जिले के एक सरकारी प्लस टू स्कूल में सहायक शिक्षिका के पद पर कार्यरत है।

Jharkhand High Court :फैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराया

हाईकोर्ट ने पाकुड़ फैमिली कोर्ट के 16 जून 2023 के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और पति की अपील याचिका खारिज कर दी। अदालत ने यह भी कहा कि पति यह साबित करने में असफल रहा कि पत्नी बिना किसी उचित कारण के अलग रह रही है।

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