
रांची: रांची के होटवार जेल से आजीवन कारावास की सजा काट रहा कैदी समीर तिर्की गुरुवार देर शाम बाउंड्री फांदकर फरार हो गया। समीर गुमला का रहने वाला है और उसे 2018 में गुमला से ट्रांसफर कर होटवार जेल भेजा गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि जेल प्रशासन ने उसे अन्य कैदियों को वार्ड में बंद करने और जेल के पार्क की देखभाल करने की जिम्मेदारी दे रखी थी।
गुरुवार शाम 6 बजे उसने अन्य कैदियों को वार्ड में बंद कर दिया और चकमा देकर चहारदीवारी की ओर चला गया। 22 फीट ऊंची दीवार को केबल के सहारे पार करने के बाद उसने 15 फीट की एक और दीवार पर चढ़कर जेल से बाहर छलांग लगा दी।
सुरक्षा में बड़ी चूक
होटवार जेल में तीन शिफ्ट में 400 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। जेल सुपरिंटेंडेंट, जेलर, हवलदार और जमादार लगातार निगरानी करते हैं। जेल परिसर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। बावजूद इसके, समीर तिर्की के भागने की भनक तक किसी को नहीं लगी।
सूत्रों के अनुसार, जिस समय समीर फरार हुआ, उस वक्त वॉच टावर पर कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं था, न ही सीसीटीवी की मॉनिटरिंग की जा रही थी। इस गंभीर लापरवाही ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन में हड़कंप, पुलिस कर रही तलाश
शुक्रवार सुबह कैदी की गिनती में कमी पाई गई, तब जाकर जेल प्रशासन को समीर की फरारी का पता चला। इसके बाद प्रभारी जेलर देवनाथ राम ने पूरे जेल परिसर में खोजबीन करवाई, लेकिन समीर का कोई सुराग नहीं मिला। शाम 5 बजे खेलगांव थाने में फरारी की प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस को उसकी तलाश में लगाया गया है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।
समीर तिर्की की फरारी से जेल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। अब यह देखना होगा कि पुलिस उसे कब तक पकड़ पाती है और जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और चाक-चौबंद करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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