
रांची में जेल में बंद अमन साहू गैंग के अपराधियों के सोशल मीडिया अकाउंट लगातार एक्टिव हैं। पुलिस को जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं, सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल।
रांची: झारखंड में जेल के भीतर बंद संगठित अपराधियों के Social Media नेटवर्क को लेकर एक बड़ा और चिंताजनक सवाल खड़ा हो गया है। अजरबैजान से प्रत्यार्पण कर भारत लाए गए अमन साहू गैंग के अपराधी मयंक सिंह उर्फ सुनील सिंह मीणा के सोशल मीडिया अकाउंट लगातार एक्टिव पाए गए हैं। वह फिलहाल जमशेदपुर स्थित घाघीडीह सेंट्रल जेल में बंद है, लेकिन इसके बावजूद उसके नाम से नियमित रूप से पोस्ट और फोटो शेयर की जा रही हैं।
Ranchi Police जांच में यह भी सामने आया है कि सुनील मीणा के अकाउंट से हर तीन से चार दिन में कंटेंट डाला जा रहा है। बीते 30 दिनों में उसके अकाउंट से करीब 10 बार फोटो पोस्ट की गईं, जिनमें हथियार के साथ उसकी तस्वीरें भी शामिल हैं। इन पोस्ट के जरिए राजधानी रांची समेत अन्य इलाकों के व्यवसायियों में भय का माहौल बनाया जा रहा है।
जेल में बंद अपराधियों के सोशल मीडिया अकाउंट कैसे हो रहे एक्टिव
जेल में रहने के बावजूद सुनील मीणा ही नहीं, बल्कि अमन साहू गैंग के शूटर आकाश राय उर्फ मोनू का सोशल मीडिया पेज भी एक्टिव है। उसके अकाउंट से औसतन महीने में एक बार पोस्ट की जा रही है और प्रोफाइल फोटो में हथियार के साथ उसकी तस्वीर लगी हुई है।
हैरानी की बात यह है कि जेल में बंद अपराधियों के सोशल मीडिया हैंडल एक्टिव रहने की जानकारी पुलिस के वरीय अधिकारियों को भी है। इसके बावजूद अब तक इन अकाउंट्स को बंद कराने या डीएक्टिवेट कराने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे पुलिस की निगरानी व्यवस्था और जेल सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
Key Highlights:
जेल में बंद अमन साहू गैंग के अपराधियों के सोशल मीडिया अकाउंट लगातार एक्टिव।
हथियारों के साथ फोटो पोस्ट कर व्यवसायियों में खौफ फैलाने का आरोप।
0पुलिस अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद अकाउंट डीएक्टिवेट नहीं।
जेल से ही गिरोह के अंदरूनी फैसले और धमकियों के पोस्ट।
टेक्निकल सेल आईपी एड्रेस के जरिए भी ठोस जानकारी जुटाने में नाकाम।
जेल से ही गैंग के अंदरूनी फैसले, राहुल सिंह को बाहर करने का दावा
पुलिस जांच के अनुसार राजधानी में जमीन कारोबारी समेत अन्य व्यवसायियों से लगातार रंगदारी मांगी जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि राहुल सिंह विदेश में बैठकर गिरोह का संचालन कर रहा है और अलग-अलग ऐप के जरिए रंगदारी की मांग कर रहा है।
इसी बीच 23 अगस्त को अजरबैजान से प्रत्यार्पण कर रांची लाए गए अमन साहू गैंग के सरगना सुनील सिंह मीणा ने जेल से ही सोशल मीडिया के माध्यम से राहुल सिंह को गिरोह से बाहर करने की घोषणा कर दी। अपने पोस्ट में उसने राहुल दुबे को गिरोह का सरगना बताते हुए दावा किया कि राहुल सिंह को उसी ने विदेश भेजा था। साथ ही यह भी कहा गया कि राहुल सिंह ने अपनी मर्जी से खुद को सरगना घोषित कर दिया और अवैध तरीके से लोगों से रंगदारी मांग रहा है।
सुनील मीणा के सोशल मीडिया अकाउंट पर हाल के दिनों में 21 दिसंबर को न्यूज चैनल में प्रसारित वीडियो पोस्ट किया गया। 20 दिसंबर को राहुल दुबे को गिरोह का सरगना बताते हुए राहुल सिंह को धमकी दी गई। इससे पहले 19, 15, 13, 10, 8, 6 और 5 दिसंबर को लगातार फोटो और कंटेंट पोस्ट किए गए।
टेक्निकल सेल की नाकामी, आईपी एड्रेस से भी नहीं मिल रही ठोस जानकारी
सोशल मीडिया पर एक्टिव इन अकाउंट्स को लेकर पुलिस का टेक्निकल सेल आईपी एड्रेस के जरिए जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि अब तक टेक्निकल सेल भी स्पष्ट जानकारी हासिल करने में पूरी तरह सफल नहीं हो सका है। आईपी एड्रेस से न तो पोस्ट करने वालों का सटीक लोकेशन मिल पा रहा है और न ही उनका पूरा एड्रेस ट्रैक हो रहा है।
इस पूरे मामले पर रिटायर्ड डीजी अन्वेष मंगलम का कहना है कि पुलिस को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से सीधे संपर्क कर अकाउंट डीएक्टिवेट कराने की पहल करनी चाहिए। पोस्ट करने वालों की पहचान के लिए न्यायालय के आदेश से जानकारी ली जानी चाहिए। यदि कोई आरोपी विदेश में बैठकर रंगदारी मांग रहा है तो इंटरपोल और कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई कर उसे देश वापस लाने की प्रक्रिया तेज करनी होगी। साथ ही देश के भीतर धमकी को अंजाम देने वालों पर भी सख्त कार्रवाई जरूरी है।
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