Ramgarh Recovery: लापता अंश और अंशिका बरामद हुए Ramgarh Recovery में, 13वें दिन परिवार को मिली सबसे बड़ी खुशखबरी

Ramgarh Recovery:रांची के धुर्वा से लापता अंश और अंशिका रामगढ़ से सकुशल बरामद। 13 दिन बाद परिवार में लौटी खुशियां, पुलिस को बड़ी सफलता।


Ramgarh Recovery रांची: रांची के धुर्वा इलाके से लापता हुए मासूम भाई बहन अंश और अंशिका को आखिरकार पुलिस ने रामगढ़ जिले के चितरपुर इलाके से सकुशल बरामद कर लिया है। 2 जनवरी से गायब दोनों बच्चों की तलाश में जुटी पुलिस को 13वें दिन यह बड़ी सफलता मिली। बच्चों की सुरक्षित वापसी की खबर मिलते ही उनके परिवार और पूरे मोहल्ले में खुशी का माहौल बन गया।

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर दोनों बच्चों की घर वापसी को लोग किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं। जिस घर से बच्चे लापता हुए थे, वहां सुबह से ही लोगों की भीड़ जुट गई और पूजा पाठ के साथ मिठाइयां बांटी गईं।


Key Highlights

  • 2 जनवरी से लापता अंश और अंशिका 13वें दिन रामगढ़ से सुरक्षित मिले

  • आरोपी खुद को पति पत्नी बताकर बच्चों को किराए के कमरे में छुपाए हुए थे

  • गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने चितरपुर इलाके से दोनों को बरामद किया

  • मकर संक्रांति के दिन बच्चों की वापसी से पूरे इलाके में खुशी का माहौल

  • परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस और मीडिया की भूमिका की सराहना की


Ramgarh Recovery: आरोपी दंपति ने किराए के मकान में छुपा रखा था

पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों बच्चों को एक महिला रोशन आरा के मकान में किराए के कमरे में रखा गया था। आरोपी खुद को पति पत्नी बताकर वहां रहने आए थे। उन्होंने मकान मालिक को बताया था कि वे बिहार से आए हैं और उनका घर टूट गया है, इसलिए एक महीने के लिए रहने की जगह चाहिए।

मकान मालिक ने मानवीय आधार पर उन्हें एक हजार रुपये किराए पर कमरा दे दिया था। इसी कमरे में अंश और अंशिका को छुपाकर रखा गया था। पुलिस को शक तब गहरा हुआ जब गुप्त सूचना मिली कि वहां रह रहे दंपति की गतिविधियां संदिग्ध हैं। इसके बाद छापेमारी कर दोनों बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया।

Ramgarh Recovery: 13 दिन की बेचैनी के बाद लौटी मुस्कान

बच्चों के दादा दादी और माता पिता के लिए ये 13 दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं थे। घर में पूजा पाठ चलता रहा, दही तक जमाना बंद हो गया था क्योंकि सभी का मन सिर्फ बच्चों की वापसी में लगा था। जैसे ही बच्चों के मिलने की खबर आई, परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।

परिजनों ने बताया कि उन्हें शुरू से पुलिस पर भरोसा था और उन्हें यकीन था कि उनके बच्चे जरूर लौटेंगे। पुलिस की कई टीमों ने हजारों मोबाइल नंबरों और सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज की जांच कर इस सफलता को अंजाम दिया।

Ramgarh Recovery: पुलिस और मीडिया की सक्रियता लाई रंग

इस पूरे मामले में झारखंड पुलिस के साथ साथ मीडिया की भूमिका भी अहम रही। लगातार खबरों और सोशल मीडिया के जरिए बच्चों की तस्वीरें और जानकारी लोगों तक पहुंचती रही। इसी वजह से पुलिस को कई अहम सुराग मिले।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह मामला लगातार सुर्खियों में न रहता, तो शायद बच्चों को ढूंढना और मुश्किल हो जाता। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्चों को क्यों और किस मकसद से अगवा किया गया था।

फिलहाल अंश और अंशिका को मेडिकल जांच के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया है और पूरे इलाके में राहत और खुशी का माहौल है।

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