झारखंड में PESA Act Rules लागू न करने पर Jharkhand High Court सख्त। सरकार से 5 दिन में जवाब मांगा, बालू घाटों और लघु खनिजों के आवंटन पर रोक जारी।
Ranchi High Court Order रांची: झारखंड में पेसा कानून की नियमावली लागू नहीं होने पर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की ओर से दायर अवमानना याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सरकार से पांच दिनों के भीतर स्पष्ट जानकारी देने का निर्देश दिया कि PESA Act से जुड़ी नियमावली कब लागू की जाएगी।
Key Highlights:
• Jharkhand High Court ने PESA Act लागू न होने पर नाराजगी जताई
• सरकार से 5 दिन में स्पष्ट जवाब देने का निर्देश
• PESA Act Rules पर जानकारी नहीं देने पर सख्त रुख की चेतावनी
• बालू घाटों और लघु खनिजों के आवंटन पर रोक बरकरार
• 23 दिसंबर को अगली सुनवाई तय
Ranchi High Court Order
सुनवाई के दौरान पंचायती राज विभाग के सचिव कोर्ट में उपस्थित हुए। कोर्ट ने उनसे पूछा कि पेसा नियमावली को कैबिनेट में पेश किया गया है या नहीं। इस पर सचिव की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और समय मांगे जाने को गंभीरता से लिया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में पेसा नियमावली लागू करने को लेकर ठोस समय-सीमा नहीं बताई गई, तो अदालत कड़ा रुख अपनाएगी। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्यभर में बालू घाटों और लघु खनिजों के आवंटन पर लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया।
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राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि पेसा नियमावली का प्रारूप पहले ही तैयार किया जा चुका है। इसे कैबिनेट को-ऑर्डिनेशन कमेटी को भेजा गया था, जहां से आपत्तियां आने के बाद संशोधित ड्राफ्ट को दोबारा ड्राफ्ट कमेटी को भेजा गया है। वहां से इसे कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाना है।
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सरकारी सूत्रों के अनुसार झारखंड कैबिनेट की बैठक 23 दिसंबर को प्रस्तावित है। संभावना जताई जा रही है कि इसी बैठक में पेसा नियमावली के ड्राफ्ट को मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। यदि कैबिनेट से स्वीकृति मिलती है, तो बालू घाटों और लघु खनिजों के आवंटन पर लगी रोक हटने का रास्ता खुल सकता है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 23 दिसंबर तक पेसा नियमावली को लेकर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। इसी दिन मामले की अगली सुनवाई होगी।
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