Ranchi- झारखंड हाईकोर्ट ने देवघर के उपायुक्त और मोहनपुर के अंचलाधिकारी को रात आठ बजे तक
अदालत में सशरीर हाजिर होने का निर्देश दिया है. जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव
को दोनों अधिकारियों को किसी भी कीमत पर हाजिर करने का आदेश दिया है.
हाईकोर्ट ने कहा है कि दोनों अधिकारियो को हाजिर नहीं होने की स्थिति में डीसी और सीओ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी की जाएगी.
दरअसल यह मामला एक लैंड पॉजिशन से जुड़ा बताया जा रहा है.
इसी मामले में हाईकोर्ट ने सभी संबंधिक फाइल को अपने साथ लेकर आने का कहा है.
सीओ के द्वारा एलपीसी नहीं देने पर हाईकोर्ट में दायर की गयी थी याचिका
बताया जा रहा है कि सुनील कुमार शर्मा को अपनी 2100 वर्गफीट की जमीन की बिक्री करने के लिए
लैंड पॉजिशन सर्टिफिकेट ( एलपीसी) की जरुरत थी, इसके लिए मोहनपुर अंचलाधिकारी के पास कई बार आवेदन दिया गया,
लेकिन अंचलाधिकारी के द्वारा लैंड पॉजिशन सर्टिफिकेट ( एलपीसी) जारी नहीं किया गया.
प्रार्थी ने इस मामले में देवघर उपायुक्त से भी शिकायत की, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई.
आखिरकार सुनील कुमार शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगायी.
मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि प्रार्थी उपायुक्त और अंचलाधिकारी के पास अभ्यावेदन दे.
इस अभ्यावेदन पर सरकार निर्णय लेगी. लेकिन शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान प्रार्थी ने अदालत को बताया
कि उसने सभी अधिकारियों के पास अभ्यावेदन दिया है, लेकिन अभी तक कहीं से कोई कार्रवाई नहीं की हुई.
इस पर अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए दोनों अधिकारियों को रात आठ बजे अदालत में सशरीर हाजिर होने का निर्देश दे दिया.
रिपोर्ट- प्रोजेश
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