रोहतासगढ़ किले का होगा कायाकल्प, 2 करोड़ की योजना को मिली मंजूरी
सासाराम : बिहार के ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध रोहतासगढ़ किले के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की दिशा में बड़ी पहल हुई है। पुरातत्व विभाग के केंद्रीय कार्यालय ने किले के मरम्मत, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये की अनुशंसा पर मुहर लगा दी है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले वित्तीय वर्ष में इस राशि को और बढ़ाया जाएगा।
पुरातत्व विभाग के क्षेत्रीय अधीक्षक हरिओम ने बताया कि योजना को दिल्ली स्थित महाप्रबंधक द्वारा स्वीकृति देकर अग्रसारित कर दिया गया है। जल्द ही निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके बाद कार्य धरातल पर उतरेगा।
दीवारों की मरम्मत से लेकर चहारदीवारी तक होगा काम
पहले चरण में किले की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाएगी। इसके बाद किले की जर्जर दीवारों की मरम्मत,हल्के क्षतिग्रस्त हिस्सों का पुनर्निर्माण,चहारदीवारी को दुरुस्त करने का कार्य,किले के भीतर जाने वाले रास्तों और सीढ़ियों की मरम्मत की जाएगी ताकि सैलानी सुरक्षित और सुगमता से भ्रमण कर सकें।
किले के अंदर बनेगा पार्क, वन अधिनियम के तहत होगा निर्माण
रोहतासगढ़ किला परिसर में खूबसूरत पार्क का निर्माण प्रस्तावित है। यह पार्क वन अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिसमें—स्थानीय फूल-पौधों का पौधारोपण, सिंचाई और पेयजल के लिए अलग बोरिंग, रखरखाव के लिए माली की तैनाती, सैलानियों के बैठने व विश्राम की सुविधा, जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए मजबूत बैरिकेडिंग की व्यवस्था होगी।
किले के इतिहास को जानेंगे सैलानी, बनेगा संग्रहालय
रोहतासगढ़ किले के भीतर एक संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा, जहां—किले का लिखित इतिहास,ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़े चित्र और दस्तावेज प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके साथ ही चित्रों सहित संक्षिप्त पुस्तिका भी तैयार की जाएगी, जिसे सैलानी स्मृति-चिह्न के रूप में खरीद सकेंगे।
निजी सुरक्षा गार्ड संभालेंगे जिम्मेदारी
किले की सुरक्षा के लिए निजी कंपनी के प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे। ये गार्ड—किले की सुरक्षा, सैलानियों को जानकारी और मार्गदर्शन कर दोहरी भूमिकाएं निभाएंगे, जिससे सैलानियों का भ्रमण अनुभव और बेहतर होगा।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, स्थानीय रोजगार भी बढ़ेगा
पुरातत्व विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना से रोहतासगढ़ किले में सैलानियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। पेयजल, सुरक्षा और सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे पर्यटकों को राहत मिलेगी।
विभागीय राजस्व में इजाफा होगा
स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर मिलेंगे। पहले से ही स्थानीय लोग ठहरने और अन्य सुविधाएं किराये पर उपलब्ध करा रहे हैं, जिन्हें अब और प्रोत्साहन मिलेगा।
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