बेतिया : बेतिया जिले के 23 होंठ और तालु कटे बच्चों को जिला स्वास्थ्य समिति से एनसीडीओ डॉ. मूर्तजा अंसारी ने इलाज हेतु रक्सौल रवाना किया। उन्होंने बताया की नजदीकी क्षेत्र रक्सौल के डंकन हॉस्पिटल में ही प्रशिक्षित चिकित्सकों के द्वारा होंठ और तालु कटे बच्चों की सर्जरी प्रशिक्षित चिकित्सकों की टीम द्वारा निःशुल्क होगी। आरबीएसके के जिला समन्वयक रंजन मिश्रा ने कहा कि आरबीएसके के अंतर्गत बच्चों में जन्मजात दोष, डिफिसियेंसी और बाल रोग आदि को समय पर पहचानकर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। जन्मजात कटे और होठ के बच्चे का आपरेशन बिहार सरकार के खर्चे पर इलाज कराया जाता है।
ऐसे बच्चों को चिन्हित करने के लिए आशा घर-घर जाकर जच्चा-बच्चा की जांच करती है
ऐसे बच्चों को चिन्हित करने के लिए आशा घर-घर जाकर जच्चा-बच्चा की जांच करती है। ऐसे किसी भी परिवार में ऐसे बच्चे हो तो अभिभावक को उनके इलाज के लिए अपने गांव के आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता से, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या आरबीएसके टीम से संपर्क कर सकते हैं। चिकित्सकों की माने तो जन्मजात होने वाली यह बीमारी काफी बच्चों में होती है। सही समय पर इसका इलाज न किए जाने पर इसका इलाज काफी मुश्किल हो जाता है। मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत दिल के छेद सहित 42 प्रकार की बीमारियों से ग्रसित बच्चों के इलाज की व्यवस्था पटना एवं अहमदाबाद जैसे स्वास्थ्य संस्थानों में कराया जाता है। मौके पऱ एनसीडीओ डॉ. मूर्तजा अंसारी, आरबीएसके डीसी रंजन मिश्रा, जिला स्वास्थ्य समिति के आलोक कुमार व अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थें।
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दीपक कुमार की रिपोर्ट
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