सोशल मीडिया बना अपराधियों का नया हथियार, झारखंड पुलिस की कड़ी नजर में नए गैंग

रांची: झारखंड में अपराधी अब सोशल मीडिया का सहारा लेकर खौफ और दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। आतंकी संगठनों की तर्ज पर ये अपराधी वारदात की जिम्मेदारी खुद ले रहे हैं और धमकी भरे वीडियो वायरल कर समाज में भय का माहौल बना रहे हैं। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए झारखंड पुलिस ने अब ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त रणनीति तैयार की है।

हाल ही में हजारीबाग में हुई गोलीबारी की घटना के बाद एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुख्यात अपराधी उत्तम यादव ने वारदात की जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद से झारखंड पुलिस का पूरा फोकस उन अपराधियों पर है जो सोशल मीडिया को दहशत फैलाने के माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया अब अपराधियों के लिए प्रचार और भय फैलाने का बड़ा जरिया बन गया है। गैंगस्टर अमन साहू के मारे जाने के बाद अपराध में कुछ कमी जरूर आई थी, लेकिन अब कुछ नए गैंग फिर से सक्रिय हो गए हैं। हजारीबाग गोलीकांड में भी कुछ नए नाम सामने आए हैं, जो सोशल मीडिया पर बंदूकें लहराते हुए वारदात का दावा कर रहे हैं।

पुलिस ने ऐसे अपराधियों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है। हाल ही में झारखंड पुलिस ने अज़रबैजान में गैंगस्टर मयंक सिंह मीणा को हिरासत में लिया है। उसे भारत लाने की प्रक्रिया जारी है। इसी तरह रोहित यादव और रोहित सिंह जैसे नाम भी पुलिस के रडार पर हैं। पुलिस का दावा है कि सभी दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

झारखंड में उभरते इन नए गैंगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पुलिस की निगाह अब उन पर भी है, जो नक्सलियों की तरह सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी जताकर आम लोगों और व्यवसायियों को डराने की कोशिश कर रहे हैं।

 

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