सामाजिक कार्यकर्ताओ ने सांप्रदायिक एकता की मिसाल पेश की, क्राउड फंडिंग कर ब्लड कैंसर मरीज को सौंपी सहयोग राशि

गुमलाः जिले के सामाजिक कार्यकर्ताओ ने सामाजिक सहयोग की एक मिसाल पेश की है. जिला के एक युवक को ब्लड कैंसर की बीमारी होने की जानकारी मिलने के बाद कई लोगों द्वारा थोड़ा थोड़ा सहयोग कर उसके परिजनों को राशि उपलब्ध करवाई गई. जिसके बाद उसका इलाज शुरू हो पाया है. हालांकि सभी लोगों ने प्रशासन से सहयोग की अपील की है. ताकि युवक की जान बचाई जा सके.

ब्लड कैंसर पीड़ित अर्पित मिश्रा जिला मुख्यालय का रहने वाला 12वी का छात्र है. इन दिनों बीमारी से जंग कर रहा है. दरसल अर्पित की तबियत कुछ दिन पहले खराब हुई. तो उसके परिजनों द्वारा उसे इलाज के लिए डॉक्टर के ले जाया गया. जहां परिजनों को पता चला कि अर्पित को ब्लड कैंसर हो गया है. इस बात की जानकारी मिलते ही मानो उसके परिवार में मातम का माहौल बन गया.

अर्पित के माता पिता की हालत खराब होने के कारण उसके मामा खुद गरीबी के बीच रहकर उसका पढ़ाई लिखाई करवा रहे है, ताकि किसी प्रकार पढ़ाई लिखाई कर वह कुछ बन सके. लेकिन उसकी कैंसर की बीमारी की जानकारी के बाद पूरा परिवार सदमे में चला गया. लेकिन उसके मामा ने बताया कि सामाजिक सहयोग से किसी प्रकार उसका इलाज चल रहा है.

वही इस बात की जानकारी एक स्कूल के संचालक संदीप प्रसाद को मिली, तो उन्होंने इसके लिए सामाजिक सहयोग के साथ ही अपने स्कूल के ओर सहयोग करने का बीड़ा उठाया. जिसके बाद स्कूल के शिक्षक से लेकर सफाई कर्मियों ने मदद की और 1 लाख 45 हजार रुपया महज दो दिनों में जमा हो गया. जो अर्पित के मामा को दे दिया गया. इसमें कई सामाजिक कार्यकर्ताओ ने भी खुलकर सहयोग किया है. उन्होंने कहा कि समाज के लोगो का दायित्व है कि ऐसी परिस्तिथि में वे सहयोग करे उसी दायित्व को निभाते हुए उन लोगों ने ऐसा किया है.

अर्पित मिश्रा के इस विपरीत परिस्तिथि में मदद करने वाले लोगों ने कहा कि उनकी ओर से तो एक छोटा सहयोग दिया गया है. लेकिन जब तक उसे सरकारी सहयोग नहीं मिलेगा अर्पित का इलाज संभव नहीं है. अर्पित को सहयोग करने वालो ने कहा कि दुर्भगय है कि सरकार की ओर से आयुष्मान सहित कई योजनाओ से ऐसे लोगो की इलाज की व्यावस्था है. लेकिन अर्पित जैसे गरीब परिवार के सदस्य को इस तरह की कोई मदद ना मिलना काफी चिंता का विषय है.

सामाजिक कार्यकर्ताओ ने कहा कि अर्पित मिश्रा की इलाज के लिए समाज के लोगों ने सहयोग कर समाज के लाचार लोगों के प्रति अपने कर्तव्य को निभाने का काम किया है. लेकिन अर्पित जैसे गरीब परिवार का आज तक आयुष्मान कार्ड ना बनने और ऐसे युवक के इलाज के लिए सरकार की ओर से मदद की कोई पहल का ना होना निश्चित रूप से हमारी सरकारी व्यावस्था पर सवाल खड़ा करता है कि आज भी कई जरूरतमंद परिवार सरकार की कल्याणकारी योजनाओ से वंचित है जो काफी चिंता का विषय है.

रिपोर्टः अमित राज

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