South Korea में राष्ट्रपति यून सुक येओल हुए गिरफ्तार, हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा

डिजिटल डेस्क :  South Korea में राष्ट्रपति  यून सुक येओल हुए गिरफ्तार, हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा। बुधवार की सुबह एशियाई मुल्क South Korea में एक हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। South Korea में यह हाईवोल्टेज ड्रामा सियासत से भी जुड़ा है और जनाक्रोश  से भी।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बुधवार की सुबह-सुबह  करीब 3,000 से अधिक पुलिस अधिकारी और भ्रष्टाचार विरोधी जांचकर्ता राष्ट्रपति यून सुक येओल के आवास के पास इकट्ठा हुए। फिर राष्ट्रपति यून सुक येओल के समर्थक और सत्तारूढ़ पीपुल्स पावर पार्टी के सदस्य सुरक्षाबलों से भिड़ते देखे गए। दोनों पक्षों  के बीच जमकर भिड़ंत हुई। कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया।

इस हाईवोल्टेज ड्रामा के बीच South Korea  के अधिकारियों ने राष्ट्रपति यून सुक येओल को गिरफ्तार कर लिए जाने की पुष्टि की है।

मार्शल लॉ के ऐलान से जुड़े मामलों में राष्ट्रपति पर हुई कार्रवाई…

बताया जा रहा है कि South Korea के अधिकारियों ने 3 दिसंबर को मार्शल लॉ के ऐलान से जुड़े मामलों में कार्रवाई की है। South Korea में महाभियोग का सामना कर रहे राष्ट्रपति यून सुक येओल को गिरफ्तार करने की कार्रवाई की गई है। बता दें कि यून की ओर से 3 दिसंबर को मार्शल लॉ के ऐलान ने दक्षिण कोरियाई लोगों को सकते में डाल दिया था।

उसके बाद एशिया के सबसे जीवंत लोकतंत्रों में से एक देश ने अचानक से अभूतपूर्व राजनीतिक उथल-पुथल का दौर देखा। उसके बाद 14 दिसंबर को सांसदों ने उन पर महाभियोग चलाने और उन्हें पद से हटाने के लिए मतदान किया। अब संवैधानिक न्यायालय उस महाभियोग को बरकरार रखने और उन्हें पद से स्थायी रूप से हटाने पर विचार-विमर्श कर रहा है।

इससे पहले राष्ट्रपति यून सुक येओल के वकीलों ने दलील दी कि राष्ट्रपति को हिरासत में लेने की कोशिश अवैध है एवं राष्ट्रपति यून सुक येओल को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के लिए पूरा षडयंत्र रचा जा रहा है। दरअसल, राष्ट्रपति यून सुक येओल की गिरफ्तारी के लिए जांचकर्ताओं को मिलर वारंट किसी मौजूदा South Korea के राष्ट्रपति के खिलाफ जारी किया गया पहला वारंट है।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति की फाइल फोटो
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति की फाइल फोटो

कई हफ्ते अपने आवास से नहीं निकलने वाले राष्ट्रपति यून की गिरफ्तारी को पुलिस ने किया मार्च

बताया जा रहा है कि South Korea के राष्ट्रपति यून सुक येओल को इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि उन्हें South Korea में मार्शल लॉ लगाने का मुख्य दोषी माना जा रहा है। इससे पहले राष्ट्रपति यून सुक येओल को पूछताछ के लिए समन भेजे गए थे, लेकिन उन्होंने इनका उल्लंघन किया एवं संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति यून सुक येओल कई हफ्ते से सियोल स्थित अपने आधिकारिक आवास से बाहर नहीं निकले थे। राष्ट्रपति की सुरक्षा सेवा में शामिल अधिकारियों का बीते 3  जनवरी को लगभग छह घंटे तक उन जांच अधिकारियों के साथ टकराव हुआ जो राष्ट्रपति यून सुक येओल को हिरासत में लेने के लिए आए थे।

सुरक्षा सेवा के अधिकारियों ने जांच अधिकारियों को राष्ट्रपति यून सुक येओल को हिरासत में लेने से रोक दिया था। अब बुधवार को South Korea के अधिकारियों ने राष्ट्रपति यून सुक येयोल को वीडियो फुटेज में सैकड़ों पुलिस अधिकारियों को उनके पहाड़ी विला की ओर जाने वाली सड़क पर मार्च करते हुए दिखाया गया है, जहां वह हफ्तों से छिपे हुए थे।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति

South Korea के अधिकारियों ने राष्ट्रपति यून सुक येओल के खिलाफ सख्त एक्शन का लिया संकल्प…

इस बीच, South Korea के अधिकारियों से संबंधित ऐसे मामलों को देखने वाले भ्रष्टाचार जांच कार्यालय और पुलिस ने यून को हिरासत में लेने के लिए और अधिक सख्त कदम उठाने का संकल्प जताया है। भ्रष्टाचार जांच कार्यालय और पुलिस संयुक्त रूप से यून के मामले की जांच करेंगे कि क्या 3 दिसंबर को यून द्वारा कुछ समय के लिए मार्शल लॉ लागू करने घोषणा विद्रोह के प्रयास के समान थी?

साथ ही South Korea के जांच एजेंसी और पुलिस ने खुले तौर पर चेताया है कि वारंट की तामील में बाधा डालने वाले राष्ट्रपति के अंगरक्षकों को मौके पर ही गिरफ्तार किया जा सकता है। हिरासत प्रयासों की योजना को लेकर राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी ने हाल के दिनों में सियोल और निकटवर्ती ग्योंगगी प्रांत में फील्ड कमांडरों की कई बैठकें बुलाई हैं।

सुरक्षा बलों की संख्या ने भी अटकलों को हवा दी है कि संभावित अभियान में एक हजार से अधिक अधिकारियों को तैनात किया जा सकता है।South Korea के भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी और पुलिस ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि वे कब राष्ट्रपति निवास पर जाएंगे।

वहीं, राष्ट्रपति निवास के प्रवेश मार्गों को कंटीले तारों और अन्य अवरोधकों से अवरुद्ध कर दिया गया है। यून को हिरासत में लेने की आशंका के बीच पिछले दो हफ्तों से हजारों की संख्या में यून विरोधी और यून समर्थक प्रदर्शनकारी प्रतिदिन सियोल में यून के कार्यालय के पास रैलियां निकाल रहे थे।

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