Ranchi: जिले में सरकार की स्पॉन्सरशिप केयर प्लान (Sponsorship Care Plan) के माध्यम से जरूरतमंद और संकटग्रस्त बच्चों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में शनिवार को डीडीसी सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें 18 वर्ष से कम उम्र के उन बच्चों पर विस्तार से चर्चा हुई, जो इस योजना के दायरे में आते हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर रहेगा विशेष फोकसः
बैठक में निर्देश दिया गया कि स्पॉन्सरशिप योजना से जुड़े बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और समुचित पोषण उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश मिले कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए तय मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।
हर प्रखंड से कम से कम 10 बच्चों की पहचान अनिवार्यः
डीडीसी ने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक प्रखंड से कम से कम 10 पात्र बच्चों को चिन्हित करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही सभी प्रखंडों को निर्देश दिया गया कि चयनित बच्चों की सूची और आवश्यक विवरण 31 जनवरी तक अनिवार्य रूप से जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं।
किन बच्चों को मिलेगा योजना का लाभः
स्पॉन्सरशिप केयर प्लान उन बच्चों के लिए लागू है—
- जिनके परिवार की वार्षिक आय 75,000 रुपये से कम है
- जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है या उन्होंने बच्चे को छोड़ दिया हो
- जो रिश्तेदारों की देखरेख में रह रहे हों
- जिनके माता-पिता गंभीर बीमारी जैसे एचआईवी, एड्स या कुष्ठ रोग से पीड़ित हों
- जिनके माता-पिता शत-प्रतिशत दिव्यांग हों या दोनों जेल में हों
- जो बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी या किसी अन्य दुर्व्यवहार से प्रभावित हों
ऐसे बच्चों को इस योजना के तहत पुनर्वास और संरक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि वे सुरक्षित वातावरण में बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें।
बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की पहलः
प्रशासन का मानना है कि स्पॉन्सरशिप केयर प्लान केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की एक मजबूत पहल है। इस योजना से न सिर्फ बच्चों की वर्तमान स्थिति में सुधार होगा, बल्कि उनके शिक्षा और जीवन के अवसर भी बढ़ेंगे।
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