पटना में मुख्यमंत्री ने बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के नए हैंगर का उद्घाटन किया। चार प्रशिक्षुओं को CPL प्रमाणपत्र मिला, मुजफ्फरपुर में सैटेलाइट कैंपस की भी तैयारी।
Bihar Flying Institute पटना: बिहार सरकार ने राज्य में नागरिक उड्डयन और विमानन प्रशिक्षण को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को पटना स्थित बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट (BFI) के नवनिर्मित अत्याधुनिक हैंगर का उद्घाटन किया। इस दौरान कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले चार प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र और एपॉलेट प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, लोकेश कुमार सिंह, निलेश रामचंद्र देवरे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले प्रशिक्षुओं में कैप्टन कुमार धैर्य, कैप्टन सोनल मान सिंह, कर्ण कुमार भारती और कैप्टन जिनियस विवेक शामिल हैं।
Bihar Flying Institute:मुख्यमंत्री बोले, युवाओं को मिलेगा विश्वस्तरीय उड़ान प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में शामिल है और प्रशिक्षित पायलटों की मांग लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट कम लागत पर विश्वस्तरीय उड़ान प्रशिक्षण देकर राज्य के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर करियर के अवसर उपलब्ध करा रहा है। संस्थान का उद्देश्य आर्थिक रूप से सामान्य परिवारों के प्रतिभाशाली युवाओं को भी विमानन क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देना है।
Key Highlights
पटना स्थित बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के नए अत्याधुनिक हैंगर का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन।
कमर्शियल पायलट लाइसेंस प्रशिक्षण पूरा करने वाले चार प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र और एपॉलेट प्रदान किए गए।
संस्थान में वर्तमान में 52 प्रशिक्षु PPL और CPL का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
मुजफ्फरपुर हवाईअड्डे पर बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का सैटेलाइट कैंपस स्थापित करने की तैयारी।
बिहार सरकार ने राज्य को पूर्वी भारत का प्रमुख विमानन प्रशिक्षण केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
Bihar Flying Institute:चार आधुनिक विमान, 52 प्रशिक्षु कर रहे हैं प्रशिक्षण
वर्ष 1940 में बिहार फ्लाइंग क्लब के रूप में स्थापित बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट पूर्वी भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित विमानन प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है। वर्तमान में संस्थान में 24 प्रशिक्षु प्राइवेट पायलट लाइसेंस (PPL) और 28 प्रशिक्षु कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
प्रशिक्षण के लिए संस्थान के पास चार अत्याधुनिक Cessna 172R विमान उपलब्ध हैं। यहां डीजीसीए के मानकों के अनुरूप ग्राउंड स्कूल, एयर नेविगेशन, मौसम विज्ञान, विमान संचालन, विमान प्रणालियों की जानकारी और व्यावहारिक उड़ान प्रशिक्षण कराया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए हैंगर के शुरू होने से विमानों के रखरखाव, पार्किंग, तकनीकी निरीक्षण और मरम्मत की सुविधाएं मजबूत होंगी। साथ ही भविष्य में विमानों की संख्या और प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने का रास्ता भी खुलेगा।
Bihar Flying Institute:मुजफ्फरपुर में बनेगा सैटेलाइट कैंपस
बिहार सरकार ने बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के विस्तार के तहत मुजफ्फरपुर हवाईअड्डे पर सैटेलाइट कैंपस स्थापित करने की योजना भी तैयार की है। इसके लिए बिहार सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के बीच आवश्यक संस्थागत सहयोग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मुजफ्फरपुर हवाईअड्डे का विकास क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान (RCS UDAN) के तहत किया जा रहा है। नए टर्मिनल भवन और रनवे के विकास की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सरकार का मानना है कि सैटेलाइट कैंपस शुरू होने से उत्तर बिहार के युवाओं को अपने क्षेत्र के पास ही गुणवत्तापूर्ण उड़ान प्रशिक्षण मिलेगा और राज्य में प्रशिक्षित पायलटों की संख्या बढ़ेगी।
बिहार सरकार ने कहा कि नए हवाईअड्डों के विकास, मौजूदा एयरपोर्ट के विस्तार और विमानन प्रशिक्षण सुविधाओं को मजबूत कर राज्य को पूर्वी भारत के प्रमुख विमानन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
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