सुप्रीम कोर्ट ने रेबीज संक्रमित और खतरनाक आवारा कुत्तों को यूथेनेशिया की अनुमति दी। अदालत ने कहा कि लोगों को भयमुक्त जीवन जीने का अधिकार है।
Stray Dog Rules नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मानव जीवन और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा है कि रेबीज से संक्रमित, लाइलाज बीमारी से ग्रस्त या अत्यधिक खतरनाक आवारा कुत्तों को विशेष परिस्थितियों में ‘यूथेनेशिया’ यानी जान से मारने की अनुमति दी जा सकती है।
जस्टिस Vikram Nath, Sandeep Mehta और N. V. Anjaria की पीठ ने कहा कि जिन इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या खतरनाक स्तर तक पहुंच चुकी है और लगातार हमलों से लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है, वहां स्थानीय निकाय विशेषज्ञों की सलाह के बाद ऐसा कदम उठा सकते हैं।
Key Highlights
सुप्रीम कोर्ट ने खतरनाक और रेबीज संक्रमित आवारा कुत्तों को मारने की अनुमति दी
अदालत ने मानव जीवन और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया
हर जिले में एबीसी केंद्र स्थापित करने का निर्देश
अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराने को कहा
राज्यों की लापरवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने जतायी नाराजगी
Stray Dog Rules:अनुच्छेद 21 के तहत भयमुक्त जीवन का अधिकार
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार केवल जीवित रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कुत्तों के हमलों के भय से मुक्त होकर सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार भी शामिल है।
अदालत ने आवारा कुत्तों के पुनर्वास और बंध्याकरण से जुड़े पुराने आदेशों को वापस लेने की मांग वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ किया कि पशु संरक्षण और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना जरूरी है।
Stray Dog Rules:हर जिले में एबीसी केंद्र बनाने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और स्थानीय निकायों को कई नये निर्देश भी जारी किये हैं। अदालत ने कहा कि प्रत्येक जिले में पर्याप्त बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षित स्टाफ और सर्जिकल सुविधाओं से लैस कम से कम एक एबीसी यानी एनिमल बर्थ कंट्रोल केंद्र स्थापित किया जाये।
इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने से जुड़े पुराने आदेशों को सख्ती से लागू करने को कहा गया है। रेलवे स्टेशन, बाजार, अस्पताल और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
Stray Dog Rules:सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त वैक्सीन रखने का निर्देश
अदालत ने निर्देश दिया कि सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन और इम्यूनोग्लोबुलिन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाये। साथ ही इन निर्देशों को लागू करने वाले अधिकारियों को कानूनी संरक्षण देने की बात भी कही गयी है।
सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में भी आदेश दिया था कि स्कूलों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थलों से आवारा कुत्तों को पकड़कर उनका बंध्याकरण और टीकाकरण किया जाये तथा उन्हें आश्रय स्थलों में रखा जाये।
Stray Dog Rules:राज्यों की लापरवाही पर अदालत नाराज
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि देशभर में ‘पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम’ असमान और अपर्याप्त तरीके से लागू हो रहा है। कई राज्यों ने पर्याप्त आश्रय स्थल नहीं बनाये और न ही प्रभावी टीकाकरण एवं बंध्याकरण अभियान चलाये।
पीठ ने कहा कि प्रशासन अक्सर किसी बड़ी घटना के बाद ही सक्रिय होता है, जबकि स्थायी समाधान के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा और नियमित अभियान जरूरी है।
Highlights







