जल-जमाव मुक्त होंगे गन्ना क्षेत्र, गन्ना की खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जल संसाधन विभाग में हुई महत्वपूर्ण बैठक

पटना : गन्ना की खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जल संसाधन विभाग एवं गन्ना उद्योग विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें गन्ना कृषि क्षेत्रों में जल-जमाव की समस्या के निराकरण हेतु संबंधित अभियंताओं को सर्वेक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं तैयार करने का निर्देश दिया गया था। उक्त निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा के संबंध में आज जल संसाधन विभाग के विभागीय सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बैठक की अध्यक्षता की

जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बैठक की अध्यक्षता की। जिसमें गन्ना उद्योग विभाग के ईखायुक्त अनिल कुमार झा, गन्ना उद्योग विभाग के पदाधिकारी, गन्ना मिलों के प्रतिनिधिगण एवं जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख (सिंचाई सृजन) अवधेश कुमार, अभियंता प्रमुख (बाढ़) वरुण कुमार, विभिन्न जिलों के मुख्य अभियंता, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े क्षेत्रीय अभियंता और विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रधान सचिव ने निर्देश दिया कि सभी जिलों द्वारा सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूर्ण कर प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया जाए

बैठक में यह बताया गया कि पूर्व में दिए गए निर्देश के आलोक में गन्ना कृषि क्षेत्रों से संबंधित नहरों, नहर संरचनाओं तथा स्लूईस गेट, पुलिया निर्माण, नाला उड़ाही (सफाई) एवं अतिक्रमण मुक्ति के लिए जिलों अंतर्गत सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। प्रधान सचिव ने निर्देश दिया कि सभी जिलों द्वारा सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूर्ण कर प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं का निर्माण कर कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके।

मनरेगा को पत्र प्रेषित कर 15 दिनों का अतिरिक्त समय की मांग हेतु अनुरोध किया गया है

बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि गन्ना कृषि क्षेत्रों में जल निकासी से संबंधित कार्यों को मनरेगा की वार्षिक कार्य योजना में सम्मिलित कराने की प्रक्रिया प्रगति पर है। इस क्रम में मनरेगा को पत्र प्रेषित कर 15 दिनों का अतिरिक्त समय की मांग हेतु अनुरोध किया गया है, जिससे सभी आवश्यक संरचनाओं की सूची पूर्ण रूप से तैयार की जा सके।

वर्तमान में पश्चिम चंपारण जिलांतर्गत अभी तक 11 प्रखंडों में कुल 41 योजनाओं को चिन्हित किया गया है

साथ ही वर्तमान में पश्चिम चंपारण जिलांतर्गत अभी तक 11 प्रखंडों में कुल 41 योजनाओं को चिन्हित किया गया है, जिसके कार्यान्वयन से 31,361 एकड़ क्षेत्र से जल-जमाव का निराकरण किया जा सकेगा। पूर्वी चंपारण जिलांतर्गत अभी तक 12 प्रखंडों में कुल 28 योजनाओं को चिन्हित किया गया है, जिसके कार्यान्वयन से 13,729 एकड़ क्षेत्र जल-जमाव का निराकरण किया जा सकेगा। वहीं, समस्तीपुर जिलांतर्गत तीन योजनाओं को अभी तक चिन्हित किया गया है, जिससे 16,500 एकड़ क्षेत्र में जल-जमाव का निराकरण किया जा सकेगा। इसी प्रकार गोपालगंज, सिवान और बेगूसराय जिलांतर्गत भी योजनाएं चिन्हित की गई हैं, जिसके माध्यम से गन्ना उत्पादकता में वृद्धि होगी, फलस्वरूप गन्ना किसानों को लाभ पहुंचेगा। मसान नदी के बायां और दायां तटबंध का निर्माण कुल 46.056 किमी में कराया जा रहा है, जिसके उपरांत संबंधित प्रखंडों में जल-जमाव की समस्या का भी समाधान हो सकेगा।

जिन जिलों में पंचायतवार सर्वेक्षण कार्य अभी शेष है, वे एक सप्ताह के भीतर सर्वेक्षण पूर्ण कर रिपोर्ट विभाग एवं मनरेगा को उपलब्ध कराएं – प्रधान सचिव

प्रधान सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि जिन जिलों में पंचायतवार सर्वेक्षण कार्य अभी शेष है, वे एक सप्ताह के भीतर सर्वेक्षण पूर्ण कर रिपोर्ट विभाग एवं मनरेगा को उपलब्ध कराएं। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 15 दिनों के उपरांत पुनः समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आज दिए गए सभी निर्देशों के अनुपालन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। गन्ना कृषकों को जल-जमाव की समस्या से राहत दिलाने एवं गन्ना की खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जल संसाधन विभाग द्वारा निरंतर समन्वय एवं प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। यह पहल राज्य में गन्ना उत्पादन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह भी पढ़े : नदियां बनेंगी हाईवे? गंगा के बाद कोसी-गंडक पर कार्गो क्रांति…

Saffrn

Trending News

Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions

Social Media

167,000FansLike
28,100FollowersFollow
628FollowersFollow
685,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img