RANCHI: गणतंत्र दिवस परेड में झारखण्ड सहित 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों को हरी झंडी मिली है. गणतंत्र दिवस परेड में देवघर के वैद्यनाथ धाम परिसर की झाँकी दिखाई देगी. झाँकी में धरती आबा बिरसा मुण्डा, सोहराई पेंटिंग और पाईका नृत्य की भी झलक मिलेगी.

गणतंत्र दिवस 2023 के अवसर पर दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में झारखंड सहित 16 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों का चयन हुआ. विभिन्न चरणों की चयन प्रक्रिया के बाद केवल 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकी का प्रिदर्शन के लिए चयन हुआ.
झारखंड की झांकी के प्रारूप को चयन प्रक्रिया में पदाधिकारियों द्वारा सराहा गया. नई दिल्ली में 19 जनवरी 2023 तक सभी चयनित राज्यों की झांकी को तैयार कर लेना है एवं पूरे परिधान के साथ 23 जनवरी 2023 को इनका रिहर्सल भी करा लिया जाना है.
गणतंत्र दिवस परेड – झारखण्ड की झाँकी का चयन गर्व की बात
देवघर स्थित बाबा धाम परिसर के प्रारूप को काफी बेहतर ढंग से
दिखाया गया, साथ ही देवघर में हो रहे विकास कार्यों को भी इसमें दर्शाया गया है.
वहीं यहां की प्राचीन कला और धरती आबा बिरसा मुंडा के बारे में
भी जानकारी दी गई, जिसके बाद झारखण्ड की झाँकी का किया गया.
झारखण्ड की झाँकी में देवघर स्थित वैद्यनाथ धाम का होगा दर्शन
झारखण्ड की झाँकी में देवघर स्थित वैद्यनाथ धाम परिसर का
प्रारूप प्रदर्शित किया जा रहा है. साथ ही झाँकी के आगे
भगवान बिरसा मुण्डा को दर्शाया गया है. झाँकी के साइड पैनल
पर झारखण्ड की आदिवासी कला सोहराई पेंटिंग दर्शायी जाएगी. झाँकी के साथ पाईका नृत्य कर कलाकार राजपथ की शोभा बढ़ाएंगे.
रिपोर्ट: मदन