Dhanbad– बेटियों को जनने का अपराध -अब तक बेटियों की परवरिश के मामले में मुस्लिम समाज
को बड़ा ही उदार माना जाता था, लेकिन अब वहां भी हालात बदलने लगे हैं, कुछ ऐसा ही हुआ है
नया बाजार इलाके की रहने वाली इशरत प्रवीण के साथ.
बेटियों को जनने का अपराध, पीड़िता लगा रही न्याय की गुहार
इशरत कहती है कि 2010 में उसकी शादी आसनसोल निवासी फहीम अख्तर के साथ हुई थी.
उसने एक-एक कर तीन-तीन बेटियों को जन्म दिया और यही उसका अपराध बन गया.
हर बेटी के साथ उसके प्रति पति की बेरुखी बढ़ती ही गयी.
दूसरी बेटी जनने के बाद तो मारपीट की भी शुरुआत हो गयी.
शौहर ने मारपीट कर बेटा पैदा करने को कहा. लेकिन उसके बाद भी पीड़िता ने बेटी को ही जन्म दे दिया.
तीसरी बेटी के जन्म के साथ ही उसे ससुराल वालों ने मारपीट कर घर से निकल दिया,
अब पीड़िता महिला थाने में न्याय की गुहार लगा रही है.
हर बेटी के साथ ही बढ़ती गयी पति की नाराजगी
पीड़िता कहती है कि अब तो जीने के चाहत ही खत्म होती जा रही है,
हर बेटी के साथ मेरे साथ ज्यादती बढ़ती ही गयी, लेकिन,
तीन तीन बेटियों की परवरिश मेरे कंधों पर है,
इन फूल सी बेटियों को छोड़ कर तो उस दुनिया में भी जाया नहीं जाता.
स्मार्ट सीटी के विस्थापितों को पुनर्वासित करेगी सरकार
Highlights







