बिहार के प्रमुख बस डिपो में बिखरेगी ‘दीदी की रसोई’ की खुशबू, यात्रियों को मिलेगी राहत, चालकों का होगा सम्मान

बिहार के प्रमुख बस डिपो में बिखरेगी ‘दीदी की रसोई’ की खुशबू, यात्रियों को मिलेगी राहत, चालकों का होगा सम्मान

पटना : अब बिहार के बस डिपो सिर्फ आने-जाने की जगह नहीं रहेंगे, बल्कि यहां यात्रियों को घर जैसा सस्ता और पौष्टिक भोजन भी मिलेगा। राज्य के 19 प्रमुख बस डिपो में जल्द ही ‘जीविका दीदी की रसोई’ की शुरुआत होने जा रही है। यह पहल न केवल यात्रियों और चालकों की वर्षों पुरानी परेशानी दूर करेगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का एक नया रास्ता भी खोलेगी।

दरअसल, हाल ही में परिवहन सह ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कुछ बस डिपो का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान डिपो परिसर में खाने-पीने की अव्यवस्था और खराब गुणवत्ता को देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों और लगातार सड़क पर रहने वाले चालकों को बेहतर सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है। इसी के बाद बस डिपो में ‘जीविका दीदी की रसोई’ खोलने का निर्देश दिया गया।

यात्रियों और चालकों को मिलेगा पौष्टिक और किफायती खाना

बस डिपो में अब तक महंगे, अस्वच्छ और अनियमित भोजन की शिकायतें आम थीं। ‘दीदी की रसोई’ शुरू होने से यात्रियों को साफ-सुथरा, पौष्टिक और किफायती खाना मिलेगा, वहीं चालकों और कंडक्टरों को भी सम्मानजनक भोजन की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे डिपो की समग्र छवि भी बेहतर होगी।

महिलाओं के स्वरोजगार को नई उड़ान

यह योजना ग्रामीण विकास विभाग की जीविका योजना के तहत संचालित की जा रही है। चूंकि मंत्री श्रवण कुमार दोनों विभागों का दायित्व संभाल रहे हैं, इसलिए परिवहन और ग्रामीण विकास विभाग के समन्वय से इस पहल को धरातल पर उतारा जा रहा है। ‘दीदी की रसोई’ का संचालन स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियां करेंगी, जिससे उन्हें स्थायी आय और सम्मानजनक रोजगार मिलेगा।

पहले चरण में 19 बस डिपो में शुरू होगी ‘दीदी की रसोई’

परिवहन विभाग के अनुसार, पहले चरण में बांकीपुर, आरा, बिहार शरीफ, फुलवारी शरीफ, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मोतिहारी, छपरा, सिवान, दरभंगा, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, नवादा, भागलपुर, जमुई, मुंगेर, पूर्णिया और सहरसा बस डिपो में ‘दीदी की रसोई’ शुरू की जाएगी। आगे चलकर इस व्यवस्था का विस्तार अन्य डिपो में भी किया जा सकता है।

पहले से सफलतापूर्वक संचालित हो रही जीविका दीदी की रसोई

गौरतलब है कि ‘जीविका दीदी की रसोई’ पहले से अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। अब इसी सफल मॉडल को बस डिपो तक लाया जा रहा है।
यह पहल जहां यात्रियों की सुविधा और चालक कल्याण को मजबूती देगी, वहीं महिलाओं के स्वावलंबन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नया संबल प्रदान करेगी। बिहार के बस डिपो अब सिर्फ सफ़र की शुरुआत नहीं, बल्कि भरोसे और स्वाद की पहचान भी बनेंगे।

ये भी पढे :  शहर के बाद अब गांव में भी जमीन होगी महंगी, 13 साल बाद गांवों के सर्किल रेट बढाने की तैयारी में बिहार सरकार

Saffrn

Trending News

Jharkhand BJP Visit: राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दौरे से कार्यकर्ताओं...

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के झारखंड दौरे पर सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि उनका मार्गदर्शन कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा...

Jharkhand BJP Meeting 2026: राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कोर कमेटी...

 रांची में भाजपा प्रदेश कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कोर कमेटी और पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठक कर संगठनात्मक रणनीति और...

Viksit Bharat Mission: विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में...

 रांची में प्रबुद्ध नागरिक संवाद कार्यक्रम में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने विकसित भारत, गरीब कल्याण योजनाओं, रोजगार, एआई और सुशासन पर केंद्र...

Sudesh Mahto BJP Meeting: नितिन नबीन से मिले सुदेश महतो, NDA...

झारखंड दौरे पर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने मुलाकात की। एनडीए की मजबूती और राज्यसभा चुनाव...

विक्रमशिला सेतु पर बना बेली ब्रिज तैयार, 7 जून से शुरू...

भागलपुर : भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद बॉर्डर रोड संगठन द्वारा बनाए गए चार बेली ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा...
Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions
Best Packaging Solution Provider of Jharkhand

Social Media

194,000FansLike
27,500FollowersFollow
628FollowersFollow
695,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img