क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय 24 जून को बिहार भर के आवेदकों के साथ मनाएगा ‘पासपोर्ट सेवा दिवस-2026’

पटना : भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अधीन क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना 24 जून को पासपोर्ट सेवा दिवस 2026 का आयोजन करेगा। इस अवसर पर बिहार भर में जन-जागरूकता एवं कर्मचारी सहभागिता संबंधी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिनके माध्यम से सुलभ, दक्ष, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित पासपोर्ट सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को पुनः अभिव्यक्त किया जाएगा।

पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में 14वां पासपोर्ट सेवा दिवस बिहार के सभी 40 पासपोर्ट कार्यालयों में मनाया जाएगा

पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में 14वां पासपोर्ट सेवा दिवस बिहार के सभी 40 पासपोर्ट कार्यालयों में मनाया जाएगा, जिनमें दो पासपोर्ट सेवा केंद्र और 38 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र सम्मिलित हैं। ये केंद्र बिहार की सभी 40 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों को सेवाएं प्रदान करते हैं। इसके अतिरिक्त पटना स्थित प्रधान कार्यालय में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नागरिक-केंद्रित पासपोर्ट सेवाओं की उपलब्धियों को रेखांकित करने और आवेदकों की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष गतिविधियों की योजना बनाई गई है।

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दरभंगा में नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने और पासपोर्ट सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु विशेष Selfie Booth स्थापित किए जाएंगे

क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना के प्रधान कार्यालय, पासपोर्ट सेवा केंद्र पाटलिपुत्र (पटना) व पासपोर्ट सेवा केंद्र दरभंगा में नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने और पासपोर्ट सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु विशेष Selfie Booth स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त विशेष आवेदक सहभागिता क्षेत्र भी बनाए जाएंगे, जहां आवेदक भाव-चिह्न आधारित प्रतिक्रिया पट्टों के माध्यम से अपने सेवा अनुभव साझा कर सकेंगे। इस अवसर को स्मरणीय बनाने हेतु पासपोर्ट सेवा दिवस के विशेष स्मारक बैज पासपोर्ट आवेदकों को वितरित किए जाएंगे। समारोह के अंतर्गत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें गुणवत्तापूर्ण पासपोर्ट सेवाएं प्रदान करने व उत्कृष्ट लोकसेवा संस्कृति को सुदृढ़ करने में उनके योगदान को सम्मानित किया जाएगा।

यह सेवा अब कुछ लोगों तक सीमित विशेषाधिकार न रहकर नागरिक-केंद्रित, प्रौद्योगिकी-संचालित और देशभर में सुलभ व्यवस्था बन चुकी है – विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर

19 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारियों के सम्मेलन के अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भारत की पासपोर्ट सेवाओं में हुए उल्लेखनीय परिवर्तन को रेखांकित करते हुए कहा कि यह सेवा अब कुछ लोगों तक सीमित विशेषाधिकार न रहकर नागरिक-केंद्रित, प्रौद्योगिकी-संचालित और देशभर में सुलभ व्यवस्था बन चुकी है। उन्होंने उल्लेख किया कि वर्ष 2014 में 77 पासपोर्ट सेवा केंद्रों के नेटवर्क का विस्तार होकर आज 544 पासपोर्ट सेवा केंद्रों तक पहुंचना। साथ ही पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP) संस्करण 2.0 व बायोमेट्रिक चिप-युक्त ई-पासपोर्ट की शुरुआत, सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह रेखांकित करते हुए कि पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज नहीं, बल्कि आर्थिक गतिशीलता, वैश्विक अवसरों और राष्ट्रीय पहचान का एक सशक्त माध्यम है, विदेश मंत्री ने पासपोर्ट अधिकारियों, पुलिस प्रशासन, डाक विभाग व सेवा भागीदारों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने भारत को वैश्विक कार्यबल के रूप में स्थापित करने व विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

पिछले 5 वर्षों के दौरान क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना ने पासपोर्ट सेवा वितरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है

पिछले पांच वर्षों के दौरान क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना ने पासपोर्ट सेवा वितरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है, जो बिहार में पासपोर्ट संबंधी सेवाओं की निरंतर बढ़ती मांग को दर्शाती है। प्राप्त पासपोर्ट आवेदनों की संख्या वर्ष 2021 में 2,74,758 से बढ़कर वर्ष 2025 में 4,51,565 हो गई, जो इस अवधि में 64.3 प्रतिशत की समग्र वृद्धि को प्रदर्शित करती है। इसी प्रकार जारी किए गए पासपोर्टों की संख्या वर्ष 2021 में 2,52,910 से बढ़कर वर्ष 2025 में 4,20,828 हो गई, जो 66.4 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। यद्यपि वर्ष 2022 से 2024 के दौरान प्राप्त आवेदनों की संख्या लगभग स्थिर रही, तथापि वर्ष 2025 में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जब प्राप्त आवेदनों में 13.7 प्रतिशत व जारी किए गए पासपोर्टों में 11.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वर्ष 2025 के दौरान कार्यालय को 4,51,565 आवेदन प्राप्त हुए व 4,20,828 पासपोर्ट जारी किए गए, जो इसकी अब तक की सर्वाधिक वार्षिक उपलब्धियों में से एक है। वर्तमान प्रवृत्ति के आधार पर वर्ष 2026 में लगभग पांच लाख पासपोर्ट आवेदनों के निस्तारण की संभावना है। यह निरंतर वृद्धि नागरिकों में बढ़ती जागरूकता पासपोर्ट सेवाओं की बेहतर उपलब्धता, व्यापक जनसंपर्क प्रयासों तथा विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के प्रति नागरिकों के बढ़ते विश्वास का परिणाम है।

अप्रैल 2026 में पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर में डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र का उद्घाटन किया गया

बिहार में पासपोर्ट सेवा वितरण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में अप्रैल 2026 में पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर में डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र का उद्घाटन किया गया, जिसके साथ ही बिहार की सभी 40 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों तक पासपोर्ट सेवा नेटवर्क का विस्तार सुनिश्चित हो गया। वर्तमान में राज्य में 38 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र तथा पटना एवं दरभंगा स्थित 2 पासपोर्ट सेवा केंद्रों के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे राज्य के प्रत्येक भाग में पासपोर्ट सेवाओं की पहुँच और सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

भारत में पासपोर्ट सेवाएं अब पूर्णतः डिजिटल एवं प्रौद्योगिकी-संचालित व्यवस्था के माध्यम से प्रदान की जा रही हैं

भारत में पासपोर्ट सेवाएं अब पूर्णतः डिजिटल एवं प्रौद्योगिकी-संचालित व्यवस्था के माध्यम से प्रदान की जा रही हैं। नागरिक पासपोर्ट सेवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, आवेदन संबंधी औपचारिकताओं को डिजिटल रूप से पूर्ण कर सकते हैं तथा अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी पासपोर्ट सेवा केंद्र अथवा डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र में जैवमितीय प्रक्रिया एवं दस्तावेज सत्यापन हेतु समय-निर्धारण कर सकते हैं। डिजिलॉकर व अन्य डिजिटल पहलों के एकीकरण से आवेदन प्रक्रिया और अधिक सरल हुई है, भौतिक दस्तावेजों की आवश्यकता कम हुई है व आवेदकों को अधिक सुविधा प्राप्त हुई है। कागजरहित एवं सुरक्षित सेवा वितरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, जो आवेदक पासपोर्ट प्रक्रिया हेतु आवश्यक दस्तावेज डिजिलॉकर के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे, उन्हें दोनों पासपोर्ट सेवा केंद्रों में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी व उनके आवेदनों का निस्तारण अपेक्षाकृत अधिक तीव्रता से किया जाएगा। यह सुविधा 24 जून 2026 से प्रभावी होगी।

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क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना ने आवेदकों की शिकायतों के त्वरित एवं व्यावसायिक समाधान के लिए अपनी शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया है

क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना ने आवेदकों की शिकायतों के त्वरित एवं व्यावसायिक समाधान के लिए अपनी शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया है। आवेदक ऑनलाइन शिकायत पोर्टल, ई-मेल, सामाजिक मीडिया मंचों, हेल्पलाइन और अधिकारियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद सहित विभिन्न माध्यमों से अपनी समस्याएं और सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं। ‘मीट द आरपीओ’, ‘पासपोर्ट अदालत’ और समर्पित शिकायत अनुश्रवण व्यवस्था जैसी नियमित जन-संपर्क पहलों ने सेवा वितरण में उत्तरदायित्व, पारदर्शिता एवं तत्परता को और अधिक सशक्त बनाया है।

क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना ने नागरिक सहभागिता एवं जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए सामाजिक मीडिया मंचों का प्रभावी उपयोग किया है

क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना ने नागरिक सहभागिता एवं जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए सामाजिक मीडिया मंचों का प्रभावी उपयोग किया है। एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं यूट्यूब पर अपने आधिकारिक मंचों के माध्यम से कार्यालय नियमित रूप से सूचनात्मक चित्र सामग्री, नागरिक अनुभव, सेवा अद्यतन, जागरूकता अभियान, धोखाधड़ी-निवारण परामर्श, शिकायत निवारण सहायता और जनहित संबंधी संदेश प्रसारित करता है। इन प्रयासों ने नागरिक जागरूकता बढ़ाने, सुरक्षित पासपोर्ट प्रक्रियाओं को प्रोत्साहित करने तथा पासपोर्ट सेवाओं के प्रति जनविश्वास को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए व लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के उद्देश्य से क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना समय-समय पर विशेष पासपोर्ट सेवा अभियान संचालित करता है। आवश्यकता पड़ने पर चयनित शनिवारों को पासपोर्ट सेवा केंद्रों व डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों में विशेष कार्य दिवस भी आयोजित किए जाते हैं। इन पहलों से सेवा वितरण में सुधार व पासपोर्ट आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण में सहायता मिलती है।

अप्रैल 2024 से अबतक बिहार के विभिन्न भागों में 18 मोबाइल वैन शिविर आयोजित किए हैं

विदेश मंत्रालय की प्रमुख पहल ‘पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शिविर-पासपोर्ट आपके द्वार’ के अंतर्गत क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना ने अप्रैल 2024 से अबतक बिहार के विभिन्न भागों में 18 मोबाइल वैन शिविर आयोजित किए हैं। ये शिविर उन जिलों एवं संस्थानों में आयोजित किए गए हैं जहां पासपोर्ट की मांग अधिक है, लंबित मामलों के निस्तारण की आवश्यकता है अथवा नागरिकों को दूरी एवं अन्य कारणों से पासपोर्ट सेवाओं तक पहुंचने में कठिनाई होती है। उल्लेखनीय स्थानों में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) पटना, नालंदा विश्वविद्यालय, भारतीय प्रबंधन संस्थान बोधगया और भागलपुर अभियंत्रण महाविद्यालय सहित अन्य संस्थान सम्मिलित हैं। अब तक इन शिविरों के माध्यम से 2,500 से अधिक पासपोर्ट आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है।

सेवा वितरण के अतिरिक्त क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना ने आवेदकों के लिए अधिक स्वागतपूर्ण एवं आकर्षक वातावरण तैयार करने हेतु अनेक नवाचारी पहलें की हैं

सेवा वितरण के अतिरिक्त क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना ने आवेदकों के लिए अधिक स्वागतपूर्ण एवं आकर्षक वातावरण तैयार करने हेतु अनेक नवाचारी पहलें की हैं। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और बिहार के क्षेत्रीय कलाकारों के सहयोग से कार्यालय ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं कलाकृतियों के प्रदर्शन का आयोजन किया है। इन प्रयासों का उद्देश्य पासपोर्ट केंद्रों को जीवंत एवं नागरिक-अनुकूल बनाना, बिहार की कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करना, स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करना और सकारात्मक जनसहभागिता को बढ़ावा देना है।

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समन्वय को सुदृढ़ करना, सत्यापन प्रक्रिया की दक्षता बढ़ाना व आवेदकों को समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करना है

पासपोर्ट निर्गमन प्रक्रिया में पुलिस सत्यापन की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना नियमित रूप से बिहार पुलिस के कार्मिकों व डाक विभाग के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण एवं क्षमता-विकास कार्यक्रम आयोजित करता है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समन्वय को सुदृढ़ करना, सत्यापन प्रक्रिया की दक्षता बढ़ाना और आवेदकों को समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करना है। सतत सहयोग एवं प्रक्रिया सुधारों के परिणामस्वरूप बिहार में पुलिस सत्यापन की औसत अवधि घटकर लगभग 10 दिन रह गई है। इस उपलब्धि के फलस्वरूप बिहार पुलिस को पुलिस सत्यापन प्रक्रिया में देश की सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाली राज्य पुलिस इकाइयों में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त हुई व वर्ष 2025 में विदेश मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया गया।

निरंतर प्रक्रिया सुधार, तकनीकी नवाचार व विभिन्न हितधारकों के सहयोग के माध्यम से पासपोर्ट सेवा प्रणाली लगातार अधिक आवेदक-अनुकूल बनती जा रही है

बिहार में पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम की सफलता इसके प्रमुख हितधारकों बिहार पुलिस, डाक विभाग, बिहार सरकार के विभिन्न विभागों, विदेश मंत्रालय व उसके प्रौद्योगिकी सहयोगी संस्थानों के घनिष्ठ सहयोग का परिणाम है। इस विशिष्ट सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल ने एक सुदृढ़, दक्ष एवं नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण प्रणाली का निर्माण किया है, जो नागरिकों की आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं के अनुरूप निरंतर विकसित हो रही है। निरंतर प्रक्रिया सुधार, तकनीकी नवाचार व विभिन्न हितधारकों के सहयोग के माध्यम से पासपोर्ट सेवा प्रणाली लगातार अधिक आवेदक-अनुकूल बनती जा रही है, जिससे पासपोर्ट संबंधी सेवाएं अधिक दक्ष, पारदर्शी, सुरक्षित व जन-आकांक्षाओं के अनुरूप तरीके से प्रदान की जा रही हैं। पासपोर्ट सेवा दिवस 2026 के अवसर पर क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना राज्य भर में पासपोर्ट सेवाओं को और अधिक सुलभ, समावेशी व नागरिक-केंद्रित बनाने एवं सेवा वितरण को और अधिक सशक्त करने की अपनी प्रतिबद्धता पुनः व्यक्त करता है। हम सभी को पासपोर्ट सेवा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं।

यह भी पढ़े : क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना द्वारा लंबित पासपोर्ट व PCC आवेदनों के निस्तारण हेतु पासपोर्ट अदालत का आयोजन

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