पटना : स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने बुधवार को राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों, अस्पताल सेवाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की, जिसमें इमरजेंसी सेवा हेतु आईसीयू/एचडीयू पर विशेष बल दिया गया और निर्धारित समय अंतराल तक रेफरल सेवाएं बंद करने का निर्देश दिया गया। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की ससमय उपलब्धता व अन्य प्रमुख कार्यक्रमों की प्रगति का भी आकलन किया। इस कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी मौजूद रहे।

राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है – स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि
बैठक को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य विभाग के सचिव द्वारा राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

मुख्य रूप से त्वरित उपचार के लिए सभी संबंधित वैसे जिला अस्पताल, जहां ICU क्रियाशील नहीं है
मुख्य रूप से त्वरित उपचार के लिए सभी संबंधित वैसे जिला अस्पताल, जहां आईसीयू क्रियाशील नहीं है जिला अस्पतालों में 30 जून 2026 तक न्यूनतम चार बेड का आईसीयू/एचडीयू प्रारंभ करने का निर्देश जिलों को दिया गया। ताकि हृदयाघात , सर्पदंश और कुत्ते के काटने आदि जैसे गंभीर बीमारियों एवं आपातकालीन मामलों का त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
उत्क्रमित 11 ट्रॉमा सेंटरों में 15 जुलाई 2026 तक ICU की सुविधा प्रारंभ करने का भी निर्देश जिलों को दिया गया
साथ ही उत्क्रमित 11 ट्रॉमा सेंटरों में 15 जुलाई 2026 तक आईसीयू की सुविधा प्रारंभ करने का भी निर्देश जिलों को दिया गया, ताकि सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों का त्वरित उपचार हो सके। इसके साथ ही सड़क दुर्घटना प्रबंधन के दृष्टिकोण से एनएच एंबुलेंस से टैगिंग हेतु तकनीक विकसित करने की भी बात कही गई। जिससे सड़क दुर्घटना के मरीजों को चिन्हित कर तदनुसार अस्पतालों में भेजा जा सके और तत्काल उपचार मिल सके।

अन्य प्रमुख निर्देश
1. डॉक्टरों का प्रशिक्षण – ICU/HDU रोल आउट के लिए चिकित्सकों का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
2. रेफरल व्यवस्था में सुधार – जिला अस्पतालों से रेफरल 15 जुलाई 2026 तक पूर्णतः बंद करने तथा 15 अगस्त 2026 से सभी CHC पर बंद करने का निर्देश दिया गया है।
3. एक्सरे सेवा – जहां मशीन खराब है, वहां दूसरे केंद्र से टैगिंग कर सेवा सुनिश्चित की जाएगी
4. साइनेज की व्यवस्था – सदर अस्पतालों में उपलब्ध सेवाओं की जानकारी हेतु उचित स्थानों पर साइनेज लगाए जाएंगे, ताकि मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध सेवाओं की जानकारी मिल सके।

बैठक में कई अधिकारी रहे शामिल
बैठक में अमित कुमार पांडेय, कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही सभी जिलों के सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं संबंधित अधिकारी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

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