वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित, मुख्यमंत्री नीतीश के साथ पहुँचे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा
पूर्वी चंपारण : विराट रामायण मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विस्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना हो गई। जिसके लिये वृहद पैमाने पर तैयारियां जोरशोर से चल रही थी। कलकत्ता और कंबोडिया से सजावट के लिये रंग बिरंगे फूल मंगाये गये थे। शिवलिंग के लिये खास 18 फीट का माला भी कलकत्ता से मंगाया गया था। वहीं बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद और महावीर मंदिर स्थान न्यास समिति के सचिव सायन कुणाल और समस्तीपुर सांसद शांभवी चौधरी यजमान की भूमिका में थे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री पहुँचे, पूजा अर्चना कर लिया आशीर्वाद
इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपने पुरे अमले के साथ पहुँचे थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा सम्राट चौधरी और कैबिनेट के अन्य मंत्रियों के अलावा बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल थे।

शिवलिंग के अभिषेक के लिये पवित्र जल लाये थे
विशाल शिवलिंग की स्थापना और अभिषेक के लिये कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार, प्रयागराज, गंगा सागर, सोनपुर, रामेश्वरम से गंगा जल मंगाया गया है। इसके साथ ही सिंधु, नर्मदा, नारायणी, कावेरी, गंडक नदी के जल से भी पवित्र शिवलिंग का अभिषेक किया गया।
माघ कृष्ण चतुर्दशी तिथि का हा खास महत्व
17 जनवरी को माघ कृष्ण चतुर्दशी की तिथि है। ऐसा माना जाता है कि इसी दिन शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी और भगवान शिव की लिंग के रूप में पूजा हुई थी। इस दिन का महत्व शिवरात्रि के समान माना जाता है, इसलिए स्थापना के लिए यह दिन चुना गया। शिवलिंग की स्थापना के गवाह बनने के लिये देशभर के संत महात्मा पहुँचे ही आ चुके थे। वहीं दर्शन के लिये आने वाले श्रद्धालुओं का कारवां बढ़ता ही जा रहा है।
सुरक्षा की थी चाक चौबंद व्यवस्था
नेपाल से सटा इलाका होने के कारण और किसी तरह बाधा से बचने के लिये पूरे इलाके को सुरक्षाकर्मियों को लगाया गया था।
Highlights


