रांची: चुनावी प्रचार – झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के चुनावी प्रचार का दौर अब अपने अंतिम चरण में है, और इस बार चुनावी मैदान में जो मेला सजा है, वह किसी से भी छिपा नहीं है। जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे जैसे बड़े नेताओं ने अपनी सभाओं का जोरदार आगाज किया है, वहीं दूसरी ओर राज्य के स्थानीय नेताओं ने मैदान में उतरकर प्रचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
इस चुनावी माहौल को देखकर यह कहावत “तू डाल-डाल तो मैं पात-पात” एकदम सटीक बैठती है। हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन की अगुवाई में इंडिया गठबंधन ने जो चुनावी अभियान चलाया। 17 नवंबर तक हेमंत सोरेन ने लगभग 92 और कल्पना सोरेन ने 98 से अधिक चुनावी सभाएं कीं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और असम के मुख्यमंत्री बिस्वा सरमा ने भी सैकड़ों छोटी-बड़ी सभाएं कीं, लेकिन इनमें से किसी ने भी हेमंत और कल्पना के सामने आकर प्रचार की धारा को रुकने नहीं दिया।
चुनावी प्रचार :
लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव की अपनी शैली में सभाएं आयोजित की जा रही हैं, जहां तेजस्वी युवाओं के बीच अपने प्रभाव को महसूस कराते हैं, वहीं लालू जी अपने चुटीले तंज और व्यंग्य से सभाओं को हंसी-खुशी में बदल देते हैं।
एक ओर जहां पीएम मोदी और अमित शाह की सघन सभाओं में प्रचार की रंगत होती है, वहीं हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन के अभियान में उनकी मेहनत और पसीने की बूंदें साफ नजर आती हैं।
तो, जब 20 नवंबर को झारखंड की जनता वोट डालेगी, तब न केवल नेताओं की मेहनत का हिसाब होगा, बल्कि चुनाव प्रचार के इस भव्य आयोजन का भी। फिर यह तय होगा कि कौन चुनावी प्रचार के इस महासमर में सबसे आगे निकला। लेकिन फिलहाल, यह बात तो साफ है कि इस बार झारखंड में प्रचार का परिदृश्य कुछ अलग ही होगा।
Highlights

