नई दिल्ली: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने स्नातक और पीजी में नामांकन करवाने वाले छात्रों के लिए कुछ नए गाइडलाइन तैयार किया है। अब छात्र ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में नामांकन लेने वाले छात्र वर्ष में दो बार नामांकन ले सकते हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग छात्रों के लिए ग्रेजुएट डिग्री और पोस्टग्रेजुएट डिग्री रेगुलेशन 2024के तहत नई गाइडलाइन तैयार की है। इस गाइडलाइन के तहत अब स्नातक की डिग्री तीन या चार वर्ष की होगी जबकि पीजी एक या दो वर्ष की होगी।
इसके साथ ही यूजी के छात्र अब अपनी डिग्री समय से पहले और बाद में कभी भी पूरा कर सकते हैं। इसके लिए आयोग ने 23 दिसंबर तक लोगों से प्रतिक्रिया मांगी है। अगले सत्र 2025-26 से विश्वविद्यालयों में यह गाइडलाइन जारी किया जा सकता है। इसके तहत वर्ष में दो बार छात्र नामांकन ले सकेंगे। इसके साथ ही 12वीं कर स्नातक में नामांकन लेने के लिए छात्रों के सामने स्ट्रीम बाधक नहीं बनेगा।
12वीं किसी भी स्ट्रीम से पास करने वाले छात्र स्नातक के किसी भी स्ट्रीम में नामांकन ले सकते हैं। मामले में यूजीसी के चेयरमैन प्रो एम जगदेश कुमार ने कहा कि संस्थानों को छात्रों को किसी भी स्तर पर पढाई छोड़ने और फिर से दाखिला पाने की छूट देनी होगी। वोकेशनल और स्किल कोर्स के क्रेडिट को डिग्री कोर्स के क्रेडिट सिस्टम में शामिल करना होगा। किसी कोर्स में दाखिले के लिए एंट्रेंस का प्रावधान हा तो किसी भी डिसिप्लिन का छात्र एंट्रेंस से दाखिला पाने के योग्य होगा।
इस नई व्यवस्था से छात्रों को सहूलियत यह होगी कि डिग्री के लिए बीएससी, बीए, बीकॉम के प्रमुख विषयों में कुल क्रेडिट का 50 प्रतिशत हासिल कर लिया तो बाकि 50 प्रतिशत स्किल कोर्स, अप्रेंटिसशिप या किसी दूसरे विषय की पढाई के लिए जोड़कर डिग्री मिल जाएगी। इस नई व्यवस्था के तहत छात्रों को एक सेमेस्टर कम करने और दो सेमेस्टर बढ़ाने की छूट होगी।
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