डिजीटल डेस्क : ISKCON को बांग्लादेश में 24 घंटे में मंदिर बंद करने का अल्टीमेटम। ISKCON के संत चिन्मय कृष्ण दास प्रभु को जेल में डालने के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई नहीं थमी है। हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं और अल्पसंख्यकों पर लगातार हमले की सूचनाएं मिल रही हैं।
बांग्लादेश के जमात-ए-इस्लामी ने सोनाली मार्केट में स्थित ISKCON मंदिर को 24 घंटे में बंद करने का अल्टीमेटम दिया है। जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं की ओर से यह धमकी दी गई है। वहीं इससे पहले मंदिर का एक बोर्ड भी हटाया गया था।
ISKCON पर पाबंदी लगाने पर कल ढाका हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
इस्कॉन प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास को जेल में डालने के बाद से उनकी रिहाई की मांग पर प्रदर्शन कर रहे अल्पसंख्यक हिंदुओं की आवाज दबाने को अब उनके मंदिरों और संगठनों पर वहां के अंतरिम सरकार के समर्थक कट्टरपंथी संगठन जुट गए हैं।
उसी क्रम में जहां जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं ने ISKCON मंदिर को 24 घंटे में बंद करने का अल्टीमेटम दिया है, वहीं बुधवार को ढाका हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर दी गई। इस याचिका में ISKCON पर बैन लगाने की मांग की गई है। इस मामले पर गुरूवार को हाईकोर्ट सुनवाई करेगा।

ISKCON के खिलाफ जमात-ए-इस्लामी ने शुरू किया दबाव बनाने को प्रोपेगेंडा…
ISKCON प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास को जेल में डालने और उनके वकील सैफुल इस्लाम की हत्या के बादे से लगातार बांग्लादेश में कट्टरवादी संगठन अल्पसंख्यक हिंदुओं पर दबाव बनाने के नया-नया मौका ढूंढ़ रहे हैं। बांग्लादेश के कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी एक बार फिर ISKCON के खिलाफ कार्रवाई के लिए दबाव बनाने में पूरी तरह जुट गया है।
कुछ दिनों पहले भी जमात-ए-इस्लामी ने मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार से ISKCON पर बैन लगाने की मांग कर चुकी थी।
ISKCON प्रवक्ता के जेल में जाने के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं की एकजुटता से जमात-ए-इस्लामी को अंदेशा है कि हिंदू आंदोलन बांग्लादेश में अवामी लीग और वैध चुनावों को जगह दे सकता है और उन पर फिर से प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसीलिए अब जमात-ए-इस्लामी की ओर से ISKCON के खिलाफ प्रोपेगैंडा शुरू किया गया है।
जमात-ए-इस्लामी के दबाव के आगे लाचार दिख रही बांग्लादेश की यूनुस सरकार ने कोर्ट ने ISKCON को कट्टरपंथी संगठन बताया है। इस समय बांग्लादेश में इस्कॉन के 65 मंदिर हैं और 50 हजार से अधिक अनुयायी हैं। ढाका में 13 ISKCON मंदिर हैं जबकि चटगांव में 14, सिलहाट में 9, खुलना में 8 और रंगपुर में 7 इस्कॉन मंदिर हैं।

भारतीय विदेश मंत्रालय के रुख पर बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने जताई नाराजगी…
बीते मंगलवार को ही भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की ओर से पूरे मामले पर जाहिर किए जाने पर बांग्लादेशी हुकूमत तिलमिला गई है। भारत ने खुलकर पूरे मामले में अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा था कि हिंदुओं पर हमला करने वाले बेखौफ घूम रहे हैं, जबकि हिंदुओं के लिए सुरक्षा का अधिकार मांगने वाले हिंदू नेताओं को जेल में ठूंसा जा रहा है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के बयान से तिलमिलाए बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अपने अंदाज में नाराजगी जाहिर की। बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह उनका आंतरिक मामला है।
बता दें कि बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद से अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा बढ़ गई है। ISKCON प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास हिंदुओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहे हैं। उन पर बीते अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में एक रैली के दौरान बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का आरोप में राजद्रोह का केस दर्ज किया गया है।
उसी क्रम में बीते 25 नवंबर को राजद्रोह के आरोप में चिन्मय कृष्ण दास को एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके बाद उनके समर्थकों और हिंदू समुदाय में आक्रोश है।
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