संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार के संकल्प को हम पूरा करके ही दम लेंगे – उपेंद्र कुशवाहा

गया : बिहार के गया में सोमवार को राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार पर प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। रालोमो के प्रदेश महासचिव सुभाष चंद्रवंशी, कार्यकारी जिलाध्यक्ष जितेंद्र पासवान और प्रदेश संगठन सचिव शक्ति कुमार ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्यसभा उपेंद्र कुशवाहा के निर्देश पर संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार के संकल्प को लेकर प्रेसवार्ता की गई है।

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भारत में 2026 में परिसीमन होना है

उन्होंने कहा कि भारत में 2026 में परिसीमन होना है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 82 देश में हर जनगणना के बाद परिसीमन आयोग का गठन कर लोकसभा सीटों का फिर से निर्धारण करने का अधिकार देता है। वहीं, अनुच्छेद 170 राज्यों में विधानसभा के निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा और संख्या तय करने का अधिकार देता है। अभी तक देश में 1951, 1961 और 1971 की जनसंख्या के आधार पर परिसीमन कर लोकसभा की सीटों को निर्धारित किया गया है।

राज्यों के लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या आबादी के अनुसार निर्धारण करना है

परिसीमन का उद्देश्य राज्यों के लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या आबादी के अनुसार निर्धारण करना है। इस व्यवस्था की वजह से बिहार सहित उत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों को लोकसभा सीटों के मामले में बहुत नुकसान हो रहा है। आज दक्षिण भारत में लगभग 21 आबादी पर एक लोकसभा सीट है वहीं, उत्तर भारत में लगभग 31 लाख की आबादी पर एक लोकसभा सीट है। यह व्यवस्था बिहार सहित तमाम उत्तर भारतीय राज्यों का देश की संसद में हमारे प्रतिनिधित्व को कम करता है या कह सकते हैं कि संविधान की मूल भावना एक व्यक्ति, एक वोट और एक मूल्य के साथ छलावा है। मौजूदा आबादी के आधार पर परिसीमन नहीं होने के कारण हम पिछले 50 वर्षों से अपने इस अधिकार से वंचित हैं।

उपेंद्र का ध्येय एकदम स्पष्ट है कि वह बिहार समेत उत्तर भारत के राज्यों के साथ इस बार धोखा नहीं होने देंगे

इस दिशा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का ध्येय एकदम स्पष्ट है कि वह बिहार समेत उत्तर भारत के राज्यों के साथ इस बार धोखा नहीं होने देंगे। हमारी पार्टी इस लड़ाई को बिहार के घर घर तक ले जाएगी ताकि बिहार समेत उत्तर भारत की जनता अपने राजनैतिक अधिकार को हासिल कर सके। यह भी बताना आवश्यक है कि परिसीमन नहीं होने से अनुसूचित जाति, जनजाति व 33 फीसदी प्रस्तावित महिला आरक्षण के साथ भी धोखा होगा। क्योंकि यह उनके प्रतिनिधित्व को भी संसद में कम करता है। इसलिए हमारी पार्टी ने इस भेदभाव के खिलाफ संघर्ष करने का निर्णय लिया है।

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जनगणना आधारित परिसीमन की जरूरत के प्रति जागरूक करना है

राष्ट्रीय लोक मोर्चा का उद्देश्य बिहार समेत उत्तर भारत के सभी राज्यों के लोगों को जनगणना आधारित परिसीमन की जरूरत के प्रति जागरूक करना है। हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी के तीन दिवसीय राजनैतिक मंथन शिविर में इसे जनआंदोलन के रूप में खड़ा करने का निर्णय लिया। कुशवाहा ने कहा कि संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार के संकल्प को हम पूरा करके ही दम लेंगे। राष्ट्रीय लोक मोर्चा बिहार की जनता से अपील करता है कि इस लड़ाई में हमारी पार्टी और हमारे नेता उपेंद्र कुशवाहा के हाथों को मजबूत करें। ताकि बिहार समेत उत्तर भारत के लोगों को उचित राजनैतिक प्रतिनिधित्व मिल सके।

25 मई को रोहतास जिले के बिक्रमगंज और 8 जून को मुजफ्फरपुर में संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार महारैली का आयोजन

इसी सिलसिले में अगामी 25 मई को रोहतास जिले के बिक्रमगंज और आठ जून को मुजफ्फरपुर में राष्ट्रीय लोक मोर्चा की ओर से संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार महारैली का आयोजन किया गया है। इसके अतिरिक्त बिहार के अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार का आयोजन प्रस्तावित है। इस मौके पर प्रदेश महासचिव डॉ. राजेश कुशवाहा, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रोफेसर गोपाल शरण दांगी, किसान प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार मेहता, जिला महासचिव सह प्रवक्ता टिंकू कुशवाहा, युवा महासचिव सुनील कुमार दांगी, डीके डाडेल, रामप्रवेश दांगी, रवि किरण मेहता, नवीन पासवान और ओमकार आदि मौजूद रहे।

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आशीष कुमार की रिपोर्ट

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