US President Donald Trump को जन्मसिद्ध नागरिकता कानून पर कोर्ट से झटका

डिजिटल डेस्क : US President Donald Trump को जन्मसिद्ध नागरिकता कानून पर कोर्ट से झटका। अमेरिका में स्वतः जन्मसिद्ध नागरिकता को खत्म करने के President Donald Trump के फैसले पर देश की एक संघीय अदालत ने रोक लगा दी है। अदालत के फैसले ने अमेरिका में रहने वाला हजारों आप्रवासियों को बड़ी राहत दी है। President Donald Trump ने बीते सोमवार को पदभार ग्रहण करने के बाद पहले ही दिन एक कार्यकारी आदेश के जरिए स्वतः जन्मसिद्ध नागरिकता के अधिकार को खत्म कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ डेमोक्रेटिक नेतृत्व वाले 4 राज्यों वॉशिंगटन, एरिजोना, इलिनॉयस और ओरेगन ने अदालत में अपील की थी।

अदालत ने US President Donald Trump के फैसले को ‘साफ तौर पर असंवैधानिक’ कहा

अमेरिका में स्वतः जन्मसिद्ध नागरिकता को खत्म करने के US President Donald Trump के फैसले को जज ने अपने फैसले में ‘साफ तौर पर असंवैधानिक’ कहा है। US डिस्ट्रिक्ट जज जॉन सी कफनौर ने वाशिंगटन, एरिजोना, इलिनोइस और ओरेगन राज्यों के मुकदमें में यह फैसला सुनाया, जिसमें तर्क दिया गया कि 14वें संशोधन और सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों ने जन्मसिद्ध नागरिकता को सुनिश्चित किया है। जज ने President Donald Trump के उस कार्यकारी आदेश को अस्थायी रूप से रोक दिया, जिसमें माता-पिता की आव्रजन स्थिति को नजरअंदाज करते हुए अमेरिकी जन्मसिद्ध नागरिकता की सांविधानिक गारंटी को समाप्त कर दिया गया था। 

US डिस्ट्रिक्ट जज ने अपने फैसले में कहीं ये बातें…

इस मामले में सुनवाई करते हुए US डिस्ट्रिक्ट जज जॉन सी कफनौर ने कहा कि -‘…मैं 4 दशक से पीठ पर हूं। मुझे ऐसा कोई दूसरा मामला याद नहीं आता, जिसमें प्रस्तुत सवाल इस मामले जितना स्पष्ट हो। यह एक स्पष्ट रूप से असंवैधानिक आदेश है। वकील कहां थे (जब आदेश पर हस्ताक्षर किया जा रहा था)? …मुझे यह समझने में परेशानी हो रही है कि बार का कोई सदस्य कैसे स्पष्ट रूप से कह सकता है कि यह आदेश संवैधानिक है।

यह मेरा दिमाग चकरा देता है।’ President Donald Trump के आदेश का बचाव कर रहे अमेरिकी न्याय विभाग के वकील ब्रेट शुमेट की भी क्लास लेते हुए 84 वर्षीय जज कफनर ने पूछा कि -क्या वह व्यक्तिगत रूप से मानते हैं कि यह आदेश संवैधानिक था। शुमेट ने तर्क दिया था कि President Donald Trump की कार्रवाई संवैधानिक थी और इसे रोकने वाले किसी भी आदेश को ‘बेहद अनुचित’ बताया।

US President Donald Trump के फैसले से जुड़े इस मामले को एकनजर में जानें…

यह मामला उन पांच मुकदमों में से एक है, जो 22 राज्यों और कई अप्रवासी अधिकार समूहों द्वारा लाए गए हैं। इनमें अटॉर्नी जनरल की गवाही भी शामिल है, जो जन्मसिद्ध अधिकार से अमेरिकी नागरिक हैं, और उन गर्भवती महिलाओं के नाम हैं, जिन्हें डर है कि उनके बच्चे अमेरिकी नागरिक नहीं बनेंगे। President Donald Trump ने अपने शपथ ग्रहण के दिन इस आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जो 20 फरवरी से प्रभावी होने वाला था।

एक मुकदमे में कहा गया है कि राष्ट्रपति का यह आदेश अमेरिका में जन्मे लाखों लोगों को प्रभावित कर सकता है। सिएटल में दायर चार राज्यों के मुकदमे के अनुसार, 2022 में, अमेरिका में अवैध रूप से रहने वाली माताओं से लगभग 255,000 बच्चों का जन्म हुआ। जबकि, 153,000 बच्चे ऐसे पैदा हुए, जिनके माता-पिता दोनों अवैध रूप से रह रहे थे।  अमेरिका उन लगभग 30 देशों में से एक है, जहां जन्मसिद्ध नागरिकता का सिद्धांत लागू होता है। कनाडा और मैक्सिको भी इनमें शामिल हैं। 

Bihar Industrial Development: उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने महवल लेदर पार्क...

Bihar Industrial Development: बिहार में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने मुजफ्फरपुर स्थित मेगा लेदर,...

JioPC Launch: अब बिना नया कंप्यूटर खरीदे पढ़ाई और AI का...

JioPC Launch: रिलायंस जियो ने छात्रों, स्कूलों, कॉलेजों और स्किल सेंटरों के लिए जियोपीसी (JioPC) सेवा पेश की है। इस क्लाउड आधारित सेवा का...

Sarfaraz Hussain Top 2% Scientists: बिहार के डॉ. सरफराज हुसैन लगातार...

Sarfaraz Hussain Top 2% Scientists, सहरसा: बिहार के सहरसा जिले के लॉर्ड बुद्धा कोशी फार्मेसी कॉलेज के प्रोफेसर प्रो. डॉ. मो. सरफराज हुसैन ने...