जामताड़ा : चिरुडीह महाजनी प्रथा में हुए हत्याकांड में 49 साल बाद एक आरोपी रमाकांत दत्ता को प्रथम जिला जज संतोष कुमार की अदालत ने दोषी करार दिया है।
सजा पर बुधवार को सुनवाई होगी। वर्ष 1975 में महाजनी प्रथा के खिलाफ आंदोलन करने के आरोप में नारायणपुर थाना में केस दर्ज किया गया है।
महाजनी प्रथा के विरोध में आंदोलन हुआ था। बांसपहाड़ी, रजैड्या, चिरुडीह, तरणी, मोचियाडीह व रसियाभीटा के निकट नदी के किनारे घातक हथियार व दो नाली बंदूक से लैस होकर लोग जुटे थे।
इन्होंने आरोपियों के कई घरों में आग लगा दी थी। कई लोगों की जान भी गई थी। पुलिस ने आरोपी रमाकांत दत्ता को बंदूक के साथ गिरफ्तार किया था।
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