धनबादः जिले के गोविंदपुर प्रखंड में एक ऐसे सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं ने कब्जा जमाने का प्रयास शुरू कर दिया है. जहां 200 दलित परिवार कई दशकों से निवास करते आ रहे हैं. इतना ही नहीं वहां दर्जनों की संख्या में पीएम आवास का लाभ भी स्थानीय लोगों को मिला है. साथ ही पहले से वहां एक सरकारी आंगनवाड़ी केंद्र भी संचालित है. बावजूद भू-माफियाओं ने जमीन पर दावा करते हुए ग्रामीणों को नोटिस भिजवाया है. इसके विरोध में जिला मुख्यालय रणधीर वर्मा चौक पर दर्जनों की संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में ग्रामीण पहुंचे और धरना प्रदर्शन किया.
ग्रामीणों का कहना है कि तत्कालीन उपायुक्त ने 2011 में ही उक्त 14 एकड़ जमीन को सरकारी जमीन घोषित करते हुए सरकारी बोर्ड लगवाया था, जो आज भी मौजूद है. बावजूद एक एम यादव नामक जमीन माफिया के नाम से ग्रामीणों को नोटिस भिजवाया जा रहा है. कहीं ना कहीं इसमें अंचल कार्यालय की मिली भगत से सरकारी जमीन को भूमाफियाओं के हवाले करने की कोशिश की गई है.
जिसके वजह से दर्जनों दलित परिवारों का आशियाना चीन के कगार पर आ गया है. ऐसे में लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की कि उक्त जमीन पर भूमाफियाओं के कब्जे को न होने दिया जाए एवं उचित जांच कर उक्त नोटिस को निरस्त किया जाए. अगर किसी ने अपने नाम पर जमाबंदी कायम हुई है, तो उस जमाबंदी को भी रद्द करवाया जाए. अन्यथा ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.
रिपोर्टः राजकुमार जायसवाल


