Vinay Singh Case: जगन्नाथपुर थाना, ACB Inquiry, 44 लाख ठगी मामला, आय से अधिक संपत्ति, Forest Land Scam, Supreme Court Interim Bail

रांची में नेक्सजेन कंपनी के मालिक विनय सिंह से जगन्नाथपुर थाना की पूछताछ तेज। 44 लाख ठगी, ACB जांच और सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम जमानत से जुड़ी पूरी रिपोर्ट।


Vinay Singh Case रांची: जगन्नाथपुर थाना की पुलिस ने नेक्सजेन कंपनी के मालिक विनय सिंह को पांच दिनों के लिए रिमांड पर लिया है। पुलिस की टीम हजारीबाग जेल से उन्हें रांची लेकर पहुंची, जहां उनसे पूछताछ शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई 44 लाख रुपये की ठगी के एक गंभीर मामले में की गई है, जिसमें विनय सिंह पर धोखाधड़ी और षड्यंत्र के आरोप लगे हैं।


Key Highlights

जगन्नाथपुर थाना ने विनय सिंह को पांच दिनों की रिमांड पर लिया

44 लाख रुपये की ठगी और फर्जी हस्ताक्षर का गंभीर आरोप

कंपनी पार्टनरशिप में पत्नी का नाम जोड़ने का विवाद

आय से अधिक संपत्ति मामले में ACB की अलग जांच

वन भूमि घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत


Vinay Singh Case : ठगी का आरोप और पार्टनरशिप विवाद

जगन्नाथपुर थाना में दीपक कुमार द्वारा दर्ज कराए गए केस के अनुसार, दीपक और विनय सिंह नेक्सजेन कंपनी में पार्टनर थे। कंपनी का टर्नओवर करोड़ों रुपये में पहुंच चुका था। आरोप है कि इसी दौरान विनय सिंह ने दीपक के जाली हस्ताक्षर कर उन्हें पार्टनरशिप से बाहर कर दिया और अपनी पत्नी का नाम जोड़ दिया। इसके बाद बैंक खातों से नकली हस्ताक्षर के आधार पर निकासी होने लगी। जब दीपक कुमार को इसकी जानकारी हुई और उन्होंने आपत्ति जताई, तो कथित तौर पर उन्हें धमकियां दी जाने लगीं।

Vinay Singh Case :एसीबी की जांच और आय से अधिक संपत्ति का मामला

विनय सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच भी चल रही है। एसीबी को अदालत से सात दिनों की रिमांड की अनुमति मिल चुकी है। जानकारी के अनुसार, अगले सप्ताह एसीबी की टीम उन्हें हजारीबाग जेल से रिमांड पर लेकर रांची लाएगी। इससे पहले एसीबी की टीम ने न्यायिक हिरासत के दौरान जेल में दो दिनों तक पूछताछ की थी, जिसमें निलंबित आईएएस विनय कुमार चौबे और उनके परिवार के नाम पर अर्जित संपत्तियों को लेकर भी सवाल किए गए थे। जांच के दौरान कई नए तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है।

Vinay Singh Case :वन भूमि घोटाला और सुप्रीम कोर्ट का आदेश

हजारीबाग के वन भूमि घोटाले से जुड़े एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विनय कुमार सिंह को अंतरिम जमानत प्रदान की है। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने यह माना कि संबंधित बिक्री विलेख वर्ष 2010 का है, जबकि शिकायतकर्ता का बयान सितंबर 2025 में दर्ज किया गया। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि आरोपी पहले से एक अन्य एफआईआर में जांच का सामना कर रहे हैं। इन परिस्थितियों में अंतरिम जमानत दी गई और आदेश की प्रति एसीबी हजारीबाग के जांच अधिकारी को भेजने का निर्देश दिया गया।

पूरे घटनाक्रम के बीच जगन्नाथपुर थाना की कार्रवाई और एसीबी की जांच ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। आने वाले दिनों में पूछताछ के बाद कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

 

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