निकाय चुनाव 2026 में मतदाताओं को नोटा का विकल्प नहीं मिलेगा। रांची सहित राज्य के नगर निकाय चुनावों में बदले नियमों की पूरी जानकारी पढ़ें।
Voters Update Ranchi: अगर आप 2026 के नगर निकाय चुनावों में मतदान करने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। इस बार जब मतदाता पोलिंग बूथ पर पहुंचेंगे, तो मतपत्र या ईवीएम में नोटा का विकल्प मौजूद नहीं होगा। यानी मतदाता इन में से कोई नहीं का विकल्प नहीं चुन सकेंगे। यह बदलाव नगर निकाय चुनावों के नियमों से जुड़ा है, जिसे लेकर कई मतदाताओं के मन में सवाल खड़े हो रहे हैं।
Key Highlights
निकाय चुनाव 2026 में नोटा का विकल्प नहीं मिलेगा
रांची सहित राज्यभर के नगर निकाय चुनावों पर लागू होगा नियम
लोकसभा और विधानसभा चुनावों से अलग हैं निकाय चुनाव के कानून
छोटे वार्ड और सीमित प्रत्याशी होने से सीधा मुकाबला जरूरी
स्थानीय सरकार के गठन में बाधा से बचने के लिए लिया गया फैसला
Voters Update: क्या है पूरा मामला
आमतौर पर लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को यह अधिकार होता है कि अगर उन्हें कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं आता, तो वे नोटा का विकल्प चुन सकें। लेकिन नगर निकाय चुनावों के लिए यह नियम लागू नहीं किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि स्थानीय निकाय चुनाव अलग कानूनों के तहत कराए जाते हैं, जिनमें नोटा का प्रावधान नहीं है।
Voters Update: क्यों हटाया गया नोटा का विकल्प
नगर निकाय चुनावों में नोटा को शामिल न करने के पीछे दो प्रमुख वजहें सामने आई हैं। पहली वजह कानूनी है, जबकि दूसरी प्रशासनिक जरूरतों से जुड़ी हुई है। संसदीय और विधानसभा चुनावों की तुलना में स्थानीय निकाय चुनावों के नियम राज्यों के अपने नगर निकाय कानूनों पर आधारित होते हैं, जिनमें नोटा को अनिवार्य नहीं माना गया है।
Voters Update:सीधा मुकाबला और स्थानीय प्रशासन की मजबूरी
नगर निकाय चुनाव छोटे वार्डों और सीमित मतदाता क्षेत्रों में होते हैं। यहां प्रत्याशियों की संख्या भी कम होती है। ऐसे में मतदाताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे उपलब्ध उम्मीदवारों में से किसी एक का चयन करें, ताकि नगर परिषद या नगर निगम का गठन बिना किसी बाधा के हो सके। नोटा की स्थिति में प्रशासनिक असमंजस की संभावना बढ़ जाती है, इसी कारण इसे शामिल नहीं किया गया है।
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